बरेली। डीडीपुरम चौराहे से शील चौराहे के बीच बनने वाला मॉडल रोड प्रोजेक्ट का काम छह महीने में पूरा होना था लेकिन साल भर बाद भी यह पूरा नहीं हो सका है। अस्त-व्यस्त निर्माण कार्य से वहां हादसे की स्थिति बन गई है, जो कभी भी राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। इसको लेकर व्यापारियों ने अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह से शिकायत की तो उन्होंने प्रभारी चीफ इंजीनियर संजय चौहान को जांच करके निर्माण शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
मेयर उमेश गौतम ने करीब चार महीने पहले डीडीपुरम से शील चौराहे तक की सड़क को मॉडल रोड घोषित करके इसे विकसित करने की घोषणा की। साढ़े चार करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में सड़क का चौड़ीकरण, अंडरग्राउंड बिजली लाइन, डिवाइडर, पैदल मार्ग, नाला आदि का काम कराया जाना था। मगर निगम अफसरों की अनदेखी के चलते शील चौराहे पर कई महीने से पुलिया खुदी पड़ी है। ऐसे ही अन्य निर्माण भी अस्त व्यस्त है। सड़क के दोनों ओर ही नाला निर्माण कार्य भी अधर में है। इसको लेकर प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के व्यापारियों ने अपर नगर आयुक्त से शिकायत कर काम शीघ्र शुरू कराने की मांग की है।
जगह-जगह खुली सरिया, जान का खतरा
मॉडल पर डिवाइडर और नाले की सरिया जगह-जगह खुली पड़ी हैं। व्यापारियों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति फिसलकर इन सरिया पर गिरा तो जानलेवा साबित हो सकता है लेकिन निगम अफसर निर्माण कार्य पूरा कराने पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं।
मॉडल रोड का निर्माण में आ रही दिक्कतें दूर करके उन्हें जल्दी पूरा कराने के लिए चीफ इंजीनियर को निर्देशित किया गया है। ठेकेदार की लापरवाही सामने आएगी तो कार्रवाई की जाएगी।
- ईश शक्ति सिंह, अपर नगर आयुक्त