आसफपुर। अंधाधुंध बिजली कटौती के विरोध में शनिवार को ग्रामीणों ने आसफपुर विद्युत उपकेंद्र पर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। क्षेत्र में पांच से छह घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। इससे सिंचाई प्रभावित होने के साथ ही कुटीर उद्योग भी चौपट हो रहे हैं। आसफपुर समेत आस-पास के इलाकों में बिजली सप्लाई पटरी से उतर गई है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोकल फाल्ट की वजह से स्थिति और खराब हो रही है। भीषण गर्मी में बिजली कटौती से लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। शनिवार को दर्जनों ग्रामीण विद्युत उपकेंद्र पर पहुंचे। यहां बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बिजली सप्लाई की स्थिति में सुधार की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उपकेंद्र पर तैनात संविदा कर्मचारी खुद ही लोकल फाल्ट कर देते हैं। इसके बाद फाल्ट को ठीक करने के बदले सुविधा शुल्क मांगते हैं। इस बारे में कई बार शिकायत भी उच्च अधिकारियों से की गई। शिकायत के बाद भी मनमानी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। भीषण गर्मी में बिजली कटौती की वजह से लोगों को दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों में अभिजीत रस्तोगी, दुष्यंत शर्मा, रिंकू पाराशरी, नवनीत मिश्रा, किशन कुमार पाठक, राघव कटिहा, चंद्रशेखर, छोटू पाराशरी, इंद्रभान, मुकेश तिवारी, प्रेमपाल आर्य, तेजराम आदि शामिल रहे। भाजपा के मंडल महामंत्री मयंक पाठक ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में एक पत्र प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को भेजा है।