बरेली। नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान शनिवार को स्टेशन रोड पर भी पूरी हठधर्मिता से सिर्फ कमजोर और गरीब तबके के खिलाफ चलाया गया। सड़क किनारे ठेला-खोखा लगाने वालों को पूरी सख्ती से खदेड़कर उनके कब्जे तहस-नहस कर दिए गए लेकिन बड़े-बड़े होटल और रेस्टोरेंट के कब्जों को सिरे से अनदेखा कर दिया गया। कुछ को मामूली जुर्माना वसूलकर छोड़ दिया गया।
शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार की अगुवाई में जंक्शन तिराहे से कचहरी तक अतिक्रमण चिह्नित किए गए थे, शनिवार को निगम टीम यहां कार्रवाई के लिए निकली। जंक्शन के बाहर टिकट विंडो का टिन शेड तोड़ने के बाद पास ही बर्फ बेच रहे दुकानदार को हटा दिया गया। दूसरे ठेले-खोमचे भी हटवाए। फिर टीम जंक्शन चौराहे पर सपा नेता प्रमोद बिष्ट के रेस्टोरेंट पर पहुंची जहां अधिकांश सामान समेटा जा चुका था। कुछ सामान सड़क पर था तो दस हजार रुपये लेकर उसे हटाने की मोहलत दे दी गई। जुर्माने पर यहां कुछ बहस भी हुई। एक-दो अन्य दुकानों के बोर्ड तोड़ने के बाद टीम आगे बढ़ी और कृष्णा रेस्टोरेंट के अतिक्रमण को हटाने के बजाय जुर्माना लगाकर छोड़ दिया गया जबकि यहां नाला पूरी तरह बंद कर दिया गया था। सामने सड़क किनारे पड़ा मोबाइल कंपनी का पाइप जब्त कर लिया गया। इसके बाद निगम टीम सदर तहसील के सामने पहुंची, जहां अधिकांश कब्जे पहले ही हट चुके थे।
नाइंसाफी के शिकार गरीबों ने जमकर दीं बद्दुआएं
कृष्णा भोजनालय के बराबर में एक महिला और उसकी तीन बेटियां सत्यनारायण नाम से सड़क किनारे रस्टोरेंट चलाती थीं। निगम टीम ने बुलडोजर से इसे ध्वस्त कर दिया। महिला और बेटियां रोती हुई निगम टीम से गुहार लगाती रहीं लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनीं। इस पर महिला कोसती हुई बोली- मेरी तरह सड़क पर आ जाओगे, तुम्हारे बच्चे रिक्शा चलाएंगे।
वकील भी गुस्साए.. बोले- कोर्ट में देखेंगे
निगम टीम सड़क किनारे लगे बोर्ड और छोटे-मोटे कब्जे हटाते हुए कचहरी पहुंची। यहां अधिकांश कब्जे पहले ही हट चुके थे। सड़क किनारे एक फोटोस्टेट शॉप और वकील मृत्युंजय मिश्रा का खोखा रखा था। इसे हटाने को कहा तो विवाद शुरू हो गया। फिर वकील ने निगम टीम से खोखा पीछे करने को कहा लेकिन निगम टीम ने तोड़ दिया। इस पर वहां खासा हंगामा और गाली-गलौज हुआ। वकीलों ने निगम अफसरों को कोर्ट में देखते ही धमकी दी।
पक्के कब्जों की ओर देखा भी नहीं
नगर निगम की टीम पक्के कब्जों को बचाने के लिए सड़क के दोनों ओर कार्रवाई करती रही। जहां किसी बड़े आदमी का कब्जा दिखाई देता निगम टीम अपनी दिशा बदल लेती। जंक्शन से लेकर कचहरी तक ऐसे ही कार्रवाई हुई। आबकारी विभाग के पास से गायब हुए नाले पर अतिक्रमण हटाना तो दूर उसे देखने की जहमत भी नहीं उठाई।
मिशन मार्केट में अतिक्रमण, सिटी मजिस्ट्रेट ने हड़काया
सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार शनिवार को सिविल लाइंस स्थित मिशन मार्केट पहुंचे। यहां पर सभी दुकानदारों ने रेडीमेड कपड़े दुकानों के बाहर तक टांगे हुए थे। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने दुकानदारों को हड़काया और रविवार तक हालात दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगर रविवार तक ठीम नहीं हुआ तो चालान कराकर जेल भिजवाएंगे। इसके बाद दुकानदारों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया।
ग्लोरी स्वीट्स को दी चेतावनी
सिटी मजिस्ट्रेट ग्लोरी स्वीट्स की दुकान पर भी वहां पहुंचे। वहां उन्होंने सड़क तक सामान बिखरा देखा तो नाराजगी जताई। रविवार तक हर हाल में कब्जा न हटाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
बरामदा कब्जाया, सड़क पर भी रखा सामान
बरेली। नावेल्टी चौराहे से बरेली कॉलेज गेट पर सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट ने कोतवाली इंस्पेक्टर को नोटिस दिया था। मगर शनिवार को इसका कोई असर नहीं दिखा। वहीं, स्टेडियम रोड पर भी सिटी मजिस्ट्रेट की सख्ती का आधा-अधूरा असर ही दिखा।
नावेल्टी चौराहे के पास ही पिछले साल खाली कराया गया सिंघल मार्केट का बरामद दुकानदारों ने फिर कब्जा करके सड़क तक सामान लगा लिया। रोडवेज के बाहर भी सड़क किनारे ठेले लगे नजर आए। इलेक्ट्रॉनिक्स की सभी दुकानों को सामान सड़क तक सजा हुआ था। मैकेनिक भी सड़क किनारे ही दुकान लगाकर रिपेयरिंग करते नजर आए।
कुछ कब्जे हटे, कुछ पूरी तरह बाकी
स्टेडियम रोड पर भी सिटी मजिस्ट्रेट की सख्ती का पूरा असर नहीं दिखा। संजयनगर तिराहे पर रेता-बजरी का कारोबार पूरी तरह से सिमट चुका है। मगर संजयनगर गुरुद्वारे के बाहर रेता-बजरी का कारोबार पूरी तरह से सड़क तक फैला हुआ है। मंदिर से आगे भी रेता-बजरी का कारोबार सड़क पर बदस्तूर जारी है। डीडीपुरम मोड़ पर कुछ रेता-बजरी अब भी बाकी है।