बरेली। बीडीए ने अपनी महानगर योजना 2021 की बाजार स्ट्रीट का जो मानचित्र जारी किया है, उसके अनुसार शहर में 19 बड़े बाजार हैं। इनमें एक बाजार स्ट्रीट कोहाड़ापीर से राजेंद्र नगर रेलवे क्रॉसिंग तक है, लेकिन उसके आगे बाजार नहीं है, मगर फिर भी राजेंद्र नगर रेलवे क्रॉसिंग के आगे दुकानों, शोरूम, शॉपिंग कांपलेक्स और नर्सिंग होम की भरमार है। मंगलवार को शुरू हुआ बीडीए का कंपाउंडिंग अभियान अगर पूरी सख्ती से चला तो इनके मालिकों को भी इम्पैक्ट फीस देकर कंपाउंडिंग करानी पड़ेगी। हालांकि यह कुछ मुश्किल ही लगता है।
अमर उजाला की टीम ने कोहाड़ापीर से राजेंद्र नगर क्रासिंग होते हुए डेलापीर सत्या पेट्रोल पंप तक मुख्य मार्ग के दोनों ओर मार्केट का जायजा लिया तो हालात अजीबोगरीब नजर आए। राजेंद्र नगर रेलवे क्रॉसिंग पार करते ही सड़क के एक ओर तीन मंजिला शोरूम बना है, बगल में निजी बैंक का ऑफिस है। दूसरी ओर एक बार और टॉवर के अलावा छोटे बड़े दस नर्सिंग होम और क्लीनिक है। अगर बीडीए के मानचित्र के हिसाब से देेखें तो यह प्रभातनगर कॉलोनी का आवासीय एरिया है। उसके आगे पिज्जा सेंटर और फिर शहर के बड़े डॉक्टर का शोरूम है। रामजानकी मंदिर तक सड़क के दोनों ओर 100 से अधिक दुकानें बनी हैं। दो से तीन बड़ी इमारतें इस समय भी बन रही हैं। इनमें एक इमारत बीडीए ने अनधिकृत तरीके से बनने पर सील भी की थी, मगर अब उसकी कंपाउंडिंग प्रक्रिया चल रही है। राम जानकी मंदिर के आगे प्राइवेट बैंक और फिर बैंक के दफ्तर हैं।
बीडीए दफ्तर के ठीक सामने एक बड़ा कॉम्प्लैक्स बना है जिसमें दर्जनों दुकानें कॉमर्शियल हैं। थोड़ा आगे बढ़ने पर दो प्लाजा खुले हैं। डीडीपुरम चौराहे तक सड़क के दोनों ओर दो बडे होटल और तीन बड़े शोरूम हैं। एक मनोचिकित्सक केंद्र भी है। डीडीपुरम से आगे एलआईसी का सबसे बड़ा दफ्तर और दो प्राइवेट बैंकों के भी दफ्तर यहीं पर खुले हैं। इसी के बगल में आईआईटी, जेईटी समेत अन्य क्लासेज की दर्जनों कोचिंग भी खुली हैं। चिकित्सकों के आवासीय भवन बने हैं, लेकिन इनमें वह मरीज भी देखते हैं। यानी कि यहां भी आवासीय भवनों का कामर्शियल उपयोग हो रहा है। झूलेलाल द्वार और उसके आगे सत्या पेट्रोल पंप तक रोड के किनारे दोनों ओर कम से कम एक दर्जन शोरूम पहले के खुले हैं। कम से कम 10 शोरूम नए खुल रहे हैं। दोनों ओर 200 से अधिक छोटी बड़ी दुकानों का मार्केट है। इनमें बीडीए से अधिकांश के कामर्शियल नक्शे पास नहीं है। प्रापर्टी कारोबारियों के ऑफिस भी हैं। मतलब, बीडीए दफ्तर से सत्या पेट्रोल पंप तक रोड के दोनों ओर घना और बड़ा मार्केट है, लेकिन बीडीए के मानचित्र में यह कामर्शियल नही ंहै।