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सपने दिखाए, मगर कुछ कर नहीं पाए, इसलिए कई राज्यों में बाहर नजर आए

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बरेली। मायावती ने अपने 30 मिनट के भाषण में भाजपा, पीएम मोदी, अमित शाह, सीएम योगी के साथ कांग्रेस और उसके अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी हमला बोलने में कोई कसर नहीं छोड़ी। भाषण की शुरूआत में ही कहा कि देश की आजादी के बाद अधिकतर समय सत्ता पर काबिज रही कांग्रेस ने गरीबी हटाने के नाम पर सिर्फ जातिवादी और जनविरोधी नीतियां चलाईं, इसीलिए वह केंद्र के साथ कई राज्यों में भी सत्ता से बाहर हो गई। भाजपा भी अब वही कर रही है, लिहाजा वह भी सत्ता से बाहर होगी।
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मायावती ने कहा कि राहुल गांधी की गरीब परिवारों को छह हजार रुपये देने की हवाई घोषणा हो या भाजपा का चौकीदार वाला जुमला, दोनों पार्टियों कितनी भी ताकत लगा लें लेकिन अब सत्ता में आने वाले नहीं है। छह हजार रुपये देने से गरीबी दूर नहीं होगी। कांग्रेस ने पहले किसानों, दलितों, मजदूरों, पिछड़ों, मुसलमानों को गरीबी हटाने के सपने दिखाए जो हवाई साबित होकर रह गए। दलित, मुसलमानों और पिछड़ों का भला नहीं हुआ। मोदी ने भी इन वर्गों से अच्छे दिन लाने का वादा किया। जितने वादे भाजपा ने किए थे, उसके एक चौथाई भी पूरे नहीं किए। बोलीं, कांग्रेस भी चुनाव जीतने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है, मतदाता इनके झांसे में न आएं।

सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय
मायावती ने कहा कि बसपा कभी भी भाजपा या कांग्रेस की तरह घोषणा पत्र जारी नहीं करती क्योंकि बसपा घोषणा में नहीं बल्कि काम करके दिखाने में विश्वास रखती है। बसपा की सरकार बनने पर किसी को नगद पैसा न देकर स्थायी रोजगार देने का इंतजाम किया जाएगा। बसपा की नीति सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की है। उसी नीतियों पर बसपा की आगे भी सरकार चलेगी। अबकी सरकार बनने पर पश्चिमी यूपी को खास तरजीह दी जाएगी। कमजोर एवं उपेक्षित वर्गों का ध्यान रखा जाएगा।
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आरक्षण का कोटा अधूरा पड़ा
मोदी पर हमला करते हुए कहा कि पदोन्नति के आरक्षण का कोटा अधूरा पड़ा है। कांग्रेस और भाजपा ने प्राइवेट सेक्टर में मिलकर आरक्षण लागू नहीं किया। पूरे देश में दलित और पिछड़ों का आरक्षण का लाभ बहुत कम मिल पा रहा है। मुसलमानों की आर्थिक हालत बहुत कमजोर है। केंद्र और राज्यों की भाजपा, आरएसएस और कांग्रेस सरकारों में इन वर्गों के साथ अन्याय हो रहा है। सवर्णों की हालत में भी कोई सुधार नहीं आया।

जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही भाजपा
मायावती ने आरोप लगाया कि भाजपा सीबीआई, आयकर विभाग समेत देश की विभिन्न जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। मोदी सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए छापे डलवाकर विपक्ष का मुंह बंद करना चाहती है। बिना तैयारी के नोटबंदी और जीएसटी लागू करके भाजपा ने मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों को तबाह कर दिया है। केंद्र की सत्ता में मोदी को किसी कीमत पर नहीं आने देना है। भाजपा किसी भी तरह साम, दाम, दंड भेद की नीति अपनाकर सत्ता में वापसी करना चाहती है। इसीलिए हवा-हवाई चुनावी घोषणा पत्र में मतदाताओं को प्रलोभन दिए जा रहे हैं। 15 लाख रुपए किसी के खाते में नहीं आए। सबका साथ-सबका विकास नारा जुमला बनकर रह गया।
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