बरेली। आला हजरत हेल्पिंग सोसायटी की अध्यक्ष निदा खान को आतंकी हमले का खतरा होने की सूचना पर पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों का फोकस गुजरात के अक्षरधाम मंदिर पर हुए ब्लास्ट में कथित तौर पर शामिल रहे बरेली के चांद मियां पर है। दरअसल चांद मियां की बीवी नगमा ने कुछ समय पहले निदा से मिलकर अपने शौहर से तलाक दिलाने की फरियाद की थी। इसी के बाद निदा को आतंकी हमले का खतरा होने का मामला सामने आया है। हालांकि चांद मियां को अक्षरधाम हमले में अदालत ने सबूतों के अभाव में रिहा कर दिया था, लेकिन इसके बाद वह फिर लापता है। उसकी कोई खैरखबर न मिलने से खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि कहीं वह दोबारा तो आतंकियों के संपर्क में नहीं आ गया।
कांकरटोला की नगमा आठ-दस दिन पहले निदा खान से मिली थी। नगमा ने निदा को बताया कि उसका निकाह चांद मियां से कई साल पहले हुआ था। चांद मियां से उसके दो बेटियां भी हैं, लेकिन निकाह के बाद चांद मियां कभी ज्यादा वक्त उसके साथ नहीं रहा। नगमा ने तलाक की ख्वाहिश जताई तो निदा ने उसे अदालत से न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। खुफिया सूत्रों के अनुसार निदा इसके बाद नगमा के साथ जब कोर्ट पहुंची तो वहां उनके साथ किसी अज्ञात व्यक्ति ने धक्कामुक्की कर दी। इस घटना के फौरन बाद इंटेलीजेंस की ओर से निदा पर आतंकी हमले का खतरा जताया गया तो शक की सुई चांद मियां पर टिक गई। हालांकि इस मामले में न तो खुफिया एजेंसियां कुछ साफ करने को तैयार हैं न निदा।
एटीएस ने निदा से की 45 मिनट तक पूछताछ
इंटेलीजेंस की पूछताछ के बाद शुक्रवार के एटीएस के अधिकारियों ने भी निदा के घर जाकर उनसे गोपनीय ढंग से पूछताछ की। एसटीएफ निदा के घर करीब 45 मिनट तक रही। दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, इस बारे में न एटीएस के अधिकारी कुछ खुलकर बता रहे हैं न निदा। उधर, खुफिया एजेंसियां यह भी आशंका जता रही हैं कि चांद मियां फिर आतंकियों के संपर्क में हो सकता है। फिलहाल निदा की सुरक्षा तो नहीं बढ़ाई गई है लेकिन खुफिया एजेंसियाें के साथ पुलिस भी इस पूरे मामले को लेकर अलर्ट हैं। चांद मियां के परिवार और रिश्तेदारों के घर आने जाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
हिंद टॉकीज के पीछे गैराज चलाता था चांद मियां
चांद मियां की शहर के ही हिंद टाकीज के पीछे कार बाजार में गैराज था। यहां वह कार मिस्त्री का काम करता था। कई साल पहले वह जम्मू कश्मीर चला गया था। वहां वह आतंकियों के संपर्क में आ गया। फिर उसका नाम गुजरात के अक्षरधाम मंदिर में हुए आतंकी बम ब्लास्ट में आ गया। इंटेलीजेंस एजेंसियां चांद मियां को उठाकर ले गईं। लंबी पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया। बाद में वह ठोस सबूतों के अभाव में अदालत से दोषमुक्त हो गया। मगर, जेल से छूटने के बाद चांद मियां गायब है।