बरेली। सात जनवरी को अहलादपुर मुठभेड़ में दो बदमाशों के मारे जाने की जांच कर रहे सिटी मजिस्ट्रेट के सवालों से शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों की टीम पसीना छोड़ती रही। सीओ फर्स्ट कुलदीप कुमार, सीओ थर्ड अशोक कुमार मीना, कोतवाल गीतेश कपिल सहित कई पुलिस कर्मियों के सिटी मजिस्ट्रेट ने बयान दर्ज किए। पहले भी मुठभेड़ करने वाली इस पुलिस टीम को तलब किया गया था लेकिन वह बयान देने के लिए हाजिर नहीं हुई थी।
शास्त्रीनगर के रहने वाले सराफ अनूप अग्रवाल चचेेरे भाई विमल कुमार, मुंशी सुमित और ड्राइवर कांता प्रसाद के साथ दिल्ली जाने के लिए सुबह 5.30 बजे आटो से रेलवे जंक्शन जा रहे थे। उनके पास कैश से भरे तीन बैग थे। कोहाड़ापीर की पुलिया के पास दो बाइकों पर सवार छह बदमाशों ने ऑटो रुकवाकर लूटपाट की थी। पुलिस का कहना है कि घटना के दिन दोपहर ढाई बजे इज्जतनगर थाने की अहलादपुर चौकी के सामने बदमाश बाइक छोड़कर गन्ने की खेत में जा छिपे। दोतरफा फायरिंग में दो बदमाश मार गिराए गए, जबकि अन्य चार भाग निकले। इस एनकाउंटर की मजिस्ट्रेटी जांच करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला ने मुठभेड़ को लेकर पुलिस अफसरों से पूछताछ करते हुए उनके बयान दर्ज किए हैं। इस मामले में कई ऐसे पेच भी सामने आ चुके हैं, जिससे इस काउंटर पर पुलिस अफसरों की भूमिका पर ही सवाल पैदा हो रहे हैं।
बयान देने नहीं आए आटो ड्राइवर और सराफ
सिटी मजिस्ट्रेट ने बयान के लिए चश्मदीद गवाह आटो ड्राइवर और सराफ अनूप अग्रवाल को भी बयान के लिए शुक्रवार को बुलाया गया था लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। कई बिंदुओं की जांच भी पूरी नहीं हो सकी है। इसलिए उन्हें फिर से आठ फरवरी को बुलाने के लिए फिर से नोटिस दिए गए हैं।
छह फरवरी को बदमाशों से परिजनों से होगी पूछताछ
मरने वाले बदमाशों की शिनाख्त संभल में असमोली के कपिल चौधरी और अशोक सिंह के रूप में होगी। सिटी मजिस्ट्रेट ने इन दोनों ही बदमाशों के घरवालों को छह फरवरी को बयान देने के लिए बुलाया गया है।