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पूरा सेशन कागज रंगते रहे, पेरेंट्स को कोई नहीं मिली राहत मिली

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बरेली। पूरा शैक्षिक सत्र गुजर गया, लेकिन कॉन्वेंट स्कूलों की मनमानी फीस से अभिभावकों को राहत नहीं मिल सकी। अब भी जिला शुल्क कमेटी कागजी कार्रवाई में लगी है, लेकिन नतीजा सामने आने के कोई आसार नहीं दिख रहे। उल्टे स्कूलों ने अभिभावकों को नोटिस थमा दिया है कि अगर फीस नहीं आई तो बच्चों को परीक्षा में नहीं बैठने देंगे। दूसरी तरफ जिला शुल्क कमेटी भी खींचतान शुरू हो गई है। अभिभावक समिति ने फीस समिति की कार्यशैली पर सवाल भी खड़े किए हैं। डीआईओएस कह रहे हैं कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है। जल्द डीएम से वार्ता करके फीस समायोजन का आदेश जारी कर दिया जाएगा।
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पिछले साल एडमिशन प्रक्रिया के दौरान बरेली ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में फीस का मामला तूल पकड़ा जिसके बाद फीस अध्यादेश जारी हुआ। कानून बना कि स्कूल सालाना बीस हजार से ज्यादा फीस नहीं ले सकते। जिला शुल्क कमेटी का गठन हुआ। पूरा शैक्षिक सत्र स्कूलों के रिकॉर्ड की जांच में निकल गया। अभिभावकों को उम्मीद थी कि बढ़ी फीस से उनको राहत मिल जाएगी, लेकिन अभी तक उनको राहत नहीं मिली। समिति ने पिछले दिनों भी स्कूलों के रिकॉर्ड मांगे, लेकिन अभी तक कोई एक्शन नहीं हुआ। अभिभावक प्रतिनिधि अंकुर सक्सेना का कहना है कि समिति की मंशा स्पष्ट नहीं है। बाकी सदस्यों को पता ही नहीं चलता कि क्या कार्रवाई हो रही है। अगर यही हाल रहा तो इस साल अभिभावकों को राहत नहीं मिल सकेगी। वहीं समिति के सचिव डीआईओएस डॉ. अचल कुमार मिश्रा ने का कहना है कि जांच पूरी हो गई, डीएम से समय लेकर बैठक करेंगे और उसके बाद समायोजन का आदेश जारी कर दिया जाएगा। इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष पारुष अरोड़ा का कहना है कि अब भी कई हजार अभिभावकों ने फीस नहीं जमा की। विभाग आदेश जारी करे स्कूल बढ़ी फीस समायोजित करने को तैयार हैं।
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