तिलहर (शाहजहांपुर)। धन्यौरा गांव के खेतों में फसल बर्बाद कर रहे गोवंशीय पशुओं को उत्तेजित किसानों ने प्राथमिक स्कूल में बंद कर दिया। इससे पहले उन्होंने वहां पढ़ रहे बच्चों को बाहर निकाल दिया। पता चलने पर आनन-फानन में मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने गोशाला का निर्माण कार्य जल्द पूरा होने का आश्वासन देते हुए किसानों को समझाया और पशुओं को स्कूल से बाहर निकलवाया।
शनिवार सुबह करीब 50 गोवंशीय पशुओं को लेकर जब ग्रामीण पहुंचे तो बच्चे घबरा गए। बच्चों को बाहर निकालने के बाद ग्रामीणों ने जानवरों को विद्यालय प्रांगण में लाकर स्कूल का गेट बंद कर दिया। फिर चेतावनी दी कि जब तक प्रशासनिक अधिकारी आकर इन पशुओं को अन्यत्र कहीं संरक्षित स्थान पर नहीं ले जाते तब तक वे उन्हें विद्यालय में ही बंद रखेंगे।
सूचना पर तहसीलदार सदर मोनालिसा जौहरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्हें ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। इसके बाद समझौता वार्ता हुई। तहसीलदार ने छुट्टा घूम रहे पशुओं को एक सप्ताह में अन्यत्र किसी संरक्षित स्थान पर भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और फिर सभी पशुओं को बाहर निकालकर विद्यालय को खाली कराया गया। ग्रामीणों के इस आंदोलन से विद्यालय का शिक्षण कार्य शनिवार को ठप रहा।
स्कूल में कुछ ही देर पशु बंद रहे। तिलहर में बन रही गोशाला में इन पशुओं को भेज दिया जाएगा। फसल की बर्बादी रोकने को पशुओं की निगरानी कराई जाएगी, इससे ग्रामीण भी संतुष्ट हैं। -मोनालिसा जौहरी, तहसीलदार