पूर्व सपा जिलाध्यक्ष तारा सिंह सोलंकी ने भी स्थानीय नेतृत्व पर अपनी उपेक्षा का आरोप लगाकर पार्टी छोड़ दी। वह समाजवादी सेक्युलर मोर्चा में शामिल हो गए। दूसरी ओर सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव के गांव परातासपुर के पूर्व प्रधान और पूर्व गन्ना सोसायटी चेयरमैन सोबरन सिंह यादव, प्रधानी का चुनाव लड़े प्रेम सिंह यादव और एकलव्य यादव ने भी समर्थकों समेत सेक्युलर मोर्चा में जाने का ऐलान कर दिया। जिलाध्यक्ष मलखान सिंह ने इनको समाजवादी सेक्युलर मोर्चा की सदस्यता दिलाई।
समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक और पूर्व पार्टी जिलाध्यक्ष रहे तारा सिंह सोलंकी ने सपा छोड़ने की वजह बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य खराब होने की वजह से वह डेढ़ साल से पार्टी की मीटिंग में नहीं जा पा रहे थे। किसी ने हाल जानने की कोशिश नहीं की। बुजुर्ग सोलंकी ने कहा कि इसकी उनको मानसिक पीड़ा थी क्योंकि वह सपा के संस्थापक सदस्य रहे हैं। अगर राजनीति में सम्मान नहीं तो वहां रहने का क्या मतलब। उधर, सपा प्रवक्ता हैदर अली ने बताया कि तारा सिंह सोलंकी को 15 अगस्त और 26 जनवरी को कार्यालय पर मुख्य अतिथि बनाकर ध्वजारोहण कराया गया था। पांच दिन पहले ही जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव हाल जानने के लिए उनके घर गए थे। अगर, वह चले गए तो क्या किया जा सकता है।