बरेली। सेंट्रल जेल में सजायाफ्ता कैदियों के चेकअप में 90 फीसदी के दांतों में बीमारी मिलने के बाद जेल के अस्पताल में डेंटल यूनिट खोल दी गई है। अब डॉन बबलू श्रीवास्तव और उसके साथी मंजीत सिंह उर्फ मंगे के दांतों का इलाज भी जेल में ही होगा। जिला अस्पताल के डेंटल विभाग के सर्जन डॉ. अवधेश गंगवार, डेंटल हाईजीनिस्ट शकील ताज की टीम हर महीने सेंट्रल जेल में मेडिकल कैंप लगाती है। गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर भी किया जाता है। छह महीनों में हुए मेडिकल कैंप के डाटा से यह सामने आया कि जेल में 90 फीसदी कैदियों के दांतों में कैविटी, सड़न और दुर्गंध आने की शिकायत है।
वर्जन
जेल में कैदी दांतों की साफ सफाई पर ध्यान नहीं देते हैं। कैविटी होने पर जेल प्रशासन को भी नहीं बताते हैं। बुधवार को जिला जेल में भी मेडिकल कैंप लगाया जाएगा। - डॉ. अवधेश गंगवार, डेंटल सर्जन, जिला अस्पताल
जेलों में कैदी सेहत को लेकर लापरवाह रहते हैं। नियमित मेडिकल कैंप लगाकर उनका इलाज कराया जाता है। डेंटल विभाग के डॉक्टरों द्वारा कैदियों के दांतों की जांच में बड़ी संख्या में मामले सामने आए हैं। - डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ