लखनऊ मंडल में उत्तर रेलवे अपने ट्रैक को बेहतर बनाने में लगा हुआ है, जिसके चलते जनता एक्सप्रेस समेत चार ट्रेनें रेलवे बोर्ड ने तीन जून तक के लिए रद कर दी हैं। देहरादून को रोजाना जाने वाली जनता एक्सप्रेस के रद होने से हरिद्वार और मसूरी घूमने जाने वालों का लोड दून एक्सप्रेस पर आ गया है, जिसमें अभी कोई आरक्षण उपलब्ध नहीं है।
सुविधा मानकों को बेहतर बनाने के लिए उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल द्वारा जंघई-वाराणसी सेक्सन पर दोहरीकरण के बाद प्री नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य कराया जा रहा है। रेलवे बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक राजेंद्र-जम्मू तवी अर्चना एक्सप्रेस (12355) दो जून तक निरस्त रहेगी। वापसी में यही ट्रेन 12356 तीन जून तक निरस्त रहेगी। हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल (13005) को एक जून तक के लिए निरस्त किया गया है। वापसी में यह ट्रेन 13006 तीन जून तक निरस्त रहेगी। नई दिल्ली-वाराणसी काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस (14258) तीन जून तक निरस्त रहेगी, जबकि वापसी में यह ट्रेन 14257 दो जून तक रद रहेगी। इसके अलावा वाराणसी-देहरादून जनता एक्सप्रेस (14265) दो जून और वापसी में यह ट्रेन 14266 तीन जून तक ले लिए रद की गई है।
देहरादून जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ी
देहरादून जाने वाली रोजाना की ट्रेनों में दून और जनता एक्सप्रेस ही हैं। रेलवे द्वारा पीक सीजन में जनता एक्सप्रेस को दो जून तक के लिए निरस्त करने से यात्रियों के सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई है। तमाम यात्रियों ने हरिद्वार और मसूरी घूमने जाने के लिए जनता एक्सप्रेस में रिजर्वेशन कराया हुआ था। ज्यादातर यात्री तो ऐसे थे जिन्होंने तीन महीने पहले ही रिजर्वेशन कराया था, तो ज्यादातर यात्री रिजर्वेशन कंफर्म होने से निश्चिंत थे कि उन्हें गर्मियों में सीट के लिए मारामारी नहीं करनी पड़ेगी। अब उनके सामने टैक्सी या बस के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं है। रात में जाने वाली एकमात्र ट्रेन दून एक्सप्रेस में नो रूम की स्थिति है। उपासना और हरिद्वार एक्सप्रेस घंटों लेट चल रही हैं। ऐसे में उनका पहाड़ पर घूमने का सपना पूरा नहीं होगा।
आठ-आठ घंटे देरी से चल रहीं ट्रेनें
सोमवार को भी पूरबिया आठ, गरीब नवाज पांच, सियालदा छह, जनसेवा चार, डिब्रूगढ़ सात और अर्चना एक्सप्रेस आठ घंटे देरी से जंक्शन पहुंची।