रेलवे जंक्शन पर यात्रियों को सस्ते रेट में साफ सुथरा और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आठ महीने पहले निजी कंपनी ने आठ आरओ प्लांट लगाए थे। इन प्लांट से आधा लीटर ठंडा पानी पांच रुपये और एक लीटर आठ रुपये में दिए जाने की व्यवस्था की गई थी। यह आरओ प्लांट ढाई महीने से बंद पड़े हैं। इसकी वजह कंपनी का रेलवे को किराया न दिया जाना बताया जा रहा है।
रेलवे जंक्शन की दुकानों पर एक लीटर पानी की बोतल 20 रुपये में मिलती है। कभी-कभी इमरजेंसी में रेलवे वेंडर 25 से 30 रुपये में भी एक लीटर पानी की बोतल यात्रियों को बिक्री करते हैं। कैंटीन चलाने वाले या अन्य दुकानदार रेलवे की टंकियों से पानी लाकर इस्तेमाल करते हैं। निजी दुकानदारों की तुलना में यात्रियों को सस्ते में साफ और ठंडा पानी उपलब्ध कराने के लिए रेलवे के प्लेट फार्म नंबर एक से पांच नंबर प्लेट फार्म तक आठ से ज्यादा आरओ प्लांट लगाए गए थे। ढाई महीने से यह आरओ प्लांट बंद पड़े हैं। यात्रियों को मजबूरी में रेलवे की टंकियों से या फिर प्राइवेट दुकानों से बोतल खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है।
रेलवे के डिप्टी स्टेशन मास्टर का कहना है कि जिस प्राइवेट एजेंसी ने आरओ प्लांट लगाए थे, उस एजेंसी का संचालन मुरादाबाद के रेलवे मुख्यालय से होता था। एजेंसी ने रेलवे को कई महीने का किराया नहीं दिया है। इस वजह से प्लांट बंद कराने पड़े।
क्या कहते हैं दुकानदार और यात्री
आरओ प्लांट चलने से पीने के पानी की बहुत सुविधा हो गई थी। यात्री कम पैसे खर्च करके ठंडा और साफ पानी की सुविधा का फायदा उठा रहे थे। यह पता नहीं कि किस वजह से आरओ प्लांट बंद कर दिए गए।
- मोहम्मद वसीम, दुकानदार
हम लोग जंक्शन पर आते हैं तो पानी की बोतल 20 रुपये देकर खरीदनी पड़ती है। आरओ लगने से यही पानी आठ रुपये में उपलब्ध था। किसी ने नहीं बताया कि प्लांट किस वजह से बंद हो गया।
- दिनेश कुमार, वेंडर रेलवे जंक्शन
बिजली, पानी तो आवश्यक सेवाओं में से है। किसी को छोड़ने के लिए प्लेटफार्म पर आते हैं तो आरओ प्लांट से बेहतर पानी मिलने की उम्मीद रहती है। रेलवे को कमियां दूर करके प्लांट चालू कराए जाने चाहिए।
- विजय कुमार शर्मा, ट्रेन यात्री
मेरी समझ में पांचों प्लेटफार्म पर आठ आरओ प्लांट लगे हैं। सबके सब ढाई महीने से बंद हैं। पीने के पानी की परेशानी होती है। रेलवे को कमियां दूर कर आरओ प्लांट चालू कराने चाहिए।
- गोविंद कश्यप, दैनिक यात्री