18 साल पहले कारगिल की लड़ाई में पाकिस्तानियाें को पस्त कर विजय गाथा लिखने वाली भारतीय सेना ने बुधवार को कारगिल विजय दिवस शान से मनाया। यहां मौजूद वीर नारियों के साथ स्कूली बच्चों और युवाओं के बीच शौर्य और पराक्रम की तस्वीर पेश की। आसमानी करतब देख सभी की सांसें थम गईं। सबसे पुराने मिलिट्री बैंड और पाइप बैंड की देशभक्ति धुन में लोग खो गए। भारत माता की जय के उद्घोष संग कार्यक्रम का समापन हुआ।
गरुड़ डिवीजन में चीफ ऑफ स्टाफ हेडक्वार्टर मेजर जनरल आरके भारद्वाज, जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल कवींद्र सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान चीता हेलीकॉप्टर में बैठे पायलट लेफ्टिनेंट एआर कुलकर्णी ने आसमान में हैरतअंगेज कारनामे से सभी को हैरान कर दिया। 2500 फ्लाइट उड़ा चुके कुलकर्णी के साथ उनके सहयोगी पायलट भी थे। युद्ध भूमि पर किसी प्रकार की घटना होने पर चीता हेलीकॉप्टर किस तरह के प्रयास से जवानों को सुरक्षित स्थान पर ले जाता है, इसे भी दिखाया गया। पूरे गरुड़ डिवीजन के ग्राउंड को युद्ध भूमि की तरह सजाया गया था। आसपास बच्चों के लिए स्टॉल लगाए गए, जिसमें उन्हें भारतीय सेना से संबंधित हथियारों, उपकरणों के बारे में बताया गया। पाइप बैंड ने अपनी प्रस्तुति दी। 1946 के सबसे पुराने जाट रेजीमेंट के मिलिट्री बैंड ने भी कदम- कदम बढ़ाए जा खुशी के गीत गाए जा... की धुन पर सभी को गर्व का अनुभव कराया। बैंड ने कई शानदार धुन से मन मोहा। कार्यक्रम में स्कूली छात्र भी शामिल हुए। सेना के अधिकारियों ने युवाआें को संबोधित करते हुए कहा कि वे देश की सेवा के लिए आगे आएं और नये राष्ट्र का निर्माण करें। उन्होंने युवाआें को सेना ज्वाइन करने को प्रोत्साहित किया।
वीर नारियों का किया गया सम्मान
1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और 1999 के ऑपरेशन विजय के दौरान विकट परिस्थितियाें में दुश्मनों से लड़ते हुए बलिदान देने वाले जवानों की वीर नारियों को सम्मानित किया गया। मुख्यालय उत्तर भारत गरुड़ खंड की ओर से आयोजित कार्यक्रम में आवा अध्यक्ष गीता पांडेय ने इस बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता है।
कारगिल वार मेमोरियल में अर्पित की श्रद्धांजलि
जाट रेजीमेंट सेंटर में कारगिल वार मेमोरियल में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों के साथ मेजर जनरल आरके भारद्वाज ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर बरेली कैंट के सभी अधिकारी व बच्चे भी शामिल हुए। कार्यक्रम में 1999 में जान की बाजी लगाने वाले शहीदों को याद किया गया। 73 दिन की लड़ाई में मई से जुलाई तक पाकिस्तानी सैनिकों को दराज सेक्टर से मार भगाया गया था। इस मौके पर मेजर जनरल कवींद्र सिंह, बिग्रेडियर एएन झा, रिटायर्ड एयर मार्शल अशोक कुमार गोयल मौजूद रहे।
शहर में भी हुए शहीदाें की याद में कार्यक्रम
फीनिक्स में प्रसिद्ध मूर्तिकार अनंत मिश्रा के एक दुर्लभ इंस्टालेशन को दिखाया गया। द व्हील ऑफ सोल्जर शीर्षक वाले इस डिस्प्ले में मूर्तिकार ने कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए सैनिकों के अविस्मरणीय बलिदान को प्रदर्शित किया है। सैनिकों को विशेष श्रद्धांजलि के रूप में मूर्तिकारों ने अपनी कृतियों को उनके जीवन को समर्पित किया है। इसमें एक पहिया है जो हमारे उन सैनिकों के द्वारा सीमाओं पर लगातार चौबीसों घंटे निगरानी का प्रतिनिधित्व करता है जो हमारे देश को सुरक्षित रखने के लिए दिन-रात अथक काम करते रहते हैं। इस मौके पर फीनिक्स के जीएम संजीव सरीन व अन्य मौजूद रहे। सेक्रे ड हार्ट सेकें डरी पब्लिक स्कूल के बच्चों ने लघु नाटक प्रस्तुत किया। कार्यकारी निदेशक निर्भय बेनीवाल, एकेडमिक डायरेक्टर रणवीर सिंह रावत, प्राचार्य डॉ. उर्मिला वाजपेयी ने बच्चाें को संबोधित किया। जनशक्ति एकता पार्टी ने शहीदों को कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उत्तर प्रदेश लोकतंत्र रक्षक सेनानी कल्याण समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में वीरेंद्र अटल, सुरेश बाबू मिश्रा, विनोद कुमार व अन्य शामिल रहे। हिंदू जागरण मंच की ओर से शहीद चौक पर श्रद्धांजलि दी गई।