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एंबुलेंस चालक की लापरवाही पर डीएम ने किया बर्खास्त

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बरेली।
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मझगवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की 108 एंबुलेंस में ईधन नहीं होने से प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती को एंबुलेंस नहीं मिली तो वह अस्पताल टेंपो से पहुंची। तब तक उसके बच्चे ने दम तोड़ दिया। इस मामले को डीएम पिंकी जोवल ने गंभीरता से लिया। उन्होंने सीएमओ डॉ. विजय और जीवीके कंपनी के प्रतिनिधि को बुलाकर रिपोर्ट ली। चालक की गलती सामने आने पर उसे टर्मिनेट कर दिया गया है।
प्रभात श्रीवास्तव की पत्नी भारती को 11 जून रविवार रात 12 बजे के करीब प्रसव पीड़ा हुई। प्रभात ने एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर कॉल किया। लखनऊ संपर्क होने पर वहां से कॉल होल्ड पर लेकर मझगवां पीएचसी की 108 एंबुलेंस के ईएमटी को लाइन पर लिया गया। ईएमटी ने बताया कि एंबुलेंस में तेल नहीं है और उसके ईधन कार्ड में कोई तकनीकी खराबी से तेल नहीं भरवाया जा सका। इसके चलते उसने मरीज ले जाने से मना किया। इसके बाद प्रभात टेंपो से ही अपनी पत्नी को अस्पताल लाया लेकिन उसका बच्चा नहीं बचा। गर्भवती महिला के पास समय से 108 एंबुलेंस नही पहुंचने की खबर को डीएम पिंकी जोवल ने गंभीरता से लिया। पूछताछ पर एजेंसी द्वारा बताया गया कि आयल कार्ड खराब हो गया था। काफ ी दूरी थी, जिससे यह दिक्कत हुई। रिपोर्ट के बाद चालक को बर्खास्त कर दिया गया है। डीएम यह भी हिदायत दी कि भविष्य में समस्त एंबुलेंस संचालन की व्यवस्थायें सही हालत में रखे। यदि कोई आकस्मिक कमी आ जाती है तो उसके लिये आप्शन की व्यवस्था रखें। एंबुलेंस की जरूरत जीवन से संबंधित होती है इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
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तीन माह से नहीं मिल रहा है डीजल
नवजात की मौत मामले में भले ही एंबुलेंस चालक को बर्खास्त कर दिया गया हो, लेकिन पिछले दो माह से डीजल 108 और 102 को नहीं मिल रहा है। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुख से प्रकाशित किया था। बरेली की करीब सात से आठ एंबुलेंस और प्रदेश में 100 से अधिक एंबुलेंस डीजल न मिलने के चलते संचालित नहीं हो पा रही थीं। इस मामले पर सीएमओ का कहना था कि सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए, कंपनी को ही व्यवस्था देखनी है।
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