बरेली। फतेहगंज पश्चिमी के धंतिया गांव में पकड़े गए हवाला व साइबर फ्रॉड के धंधेबाजों पर शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस ने गुरुवार को 14 आरोपी जेल भेज दिए। दो लोगों को आरोप साबित न होने पर छोड़ दिया गया। जबकि कुल 18 आरोपियों के खिलाफ इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। नामजद बाकी चार आरोपियों के अलावा बाकी धंधेबाजों की भी तलाश की जा रही है। हालांकि कार्रवाई के बाद आसपास के गांवों में रहने वाले हवाला के धंधेबाज अंडरग्राउंड हो गए हैं।
मंगलवार आधी रात से सुबह तक शहर के थानों की पुलिस ने देहात के फतेहगंज पश्चिमी थाने के गांव धंतिया में दबिश देकर हवाला कारोबार का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने वहां से 16 लोगों को पकड़ा। इनमें मुख्य सरगना जमशेद समेत पांच लोगों को आरोपी मानते हुए एसएसपी शैलेश पांडेय ने बुधवार शाम प्रेसवार्ता की थी। कहा था कि बाकी 11 आरोपियों के बारे में पड़ताल की जा रही है कि इनमें से कौन इस धंधे में शामिल हैं और कौन नहीं। बताया कि जांच के आधार लोगों को छोड़ा और दूसरे आरोपियों को पकड़ा जा सकता है।
देर रात तक एसपी अभिषेक वर्मा के नेतृत्व वाली टीम ने जांच पड़ताल की और पाया कि दो लोगों को गलत पकड़ लिया गया है। इनमें सईम खां और अब्दुल रजा खां शामिल थे, जिन्हें जरूरी पूछताछ और लिखापढ़ी के बाद पुलिस ने उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। बाकी 14 लोगों को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने कुल 18 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं व आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।
इन लोगों पर हुई रिपोर्ट
इज्जत नगर थाने में दर्ज मामले में यूसुफ खान, आरिफ, अफजाल, आमिर, कैफ खां, ताहिर, साजिद, रफी खां उर्फ मोती, जाहिद खां, राशिद खां, जमशेद खां, नासिर, वारिस, इरफान, मोबीन, अफसर, मुस्तफा खां व असगर के नाम शामिल हैं। रिपोर्ट में मोबीन खां, अफसर खां, मुस्तफा खां व असगर के नाम बतौर आरोपी और शामिल किए गए हैं।
बैंक खातों में अभी तक आ रही रकम
इज्जत नगर पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपियों के दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद व राजस्थान में बैंक खाते हैं। इन खातों में अभी भी रकम डाली जा रही है। पुलिस का मानना है कि शायद दूरदराज प्रदेशों में बैठे इनके ठग साथियों को इस कार्रवाई की जानकारी नहीं है। पुलिस इस क्लू के सहारे और लोगों को पकड़ने की कोशिश करेगी।
ज्यादातर ठग दूसरी या तीसरी क्लास पास
पकड़े गए अधिकांश ठगी के आरोपी दूसरी या तीसरी कक्षा तक ही पढ़े हैं। वह सामान्य पढ़ना लिखना ही जानते हैं जबकि गैरकानूनी तरीकों से उन्होंने लाखों की संपत्ति बना रखी है। रुपये लेनदेन, खाते खुलवाने से लेकर ऑपरेट करने व गोल्ड कार्ड इस्तेमाल करना वह बखूबी जानते हैं। जबकि छह आरोपी पढ़े लिखे हैं।
कार में मिली डायरी पर लिखा- आई लव फैमिली
राशिद की मर्सडीज कार को इज्जत नगर पुलिस ने खोलकर तलाशी ली तो उसमें आगे की सीट पर एक डायरी पड़ी मिली। डायरी पूरी खाली थी। आगे के पेज पर हिंदी में धंतिया लिखा था। जबकि इसी पेज पर अंग्रेजी में आई लव फैमिली लिखा है।