नवाबगंज। भदपुरा ब्लाॅक के मधुनगला गांव में खुली वृहद गोशाला में तीन दिन में 14 गोवंशों की मौत हो गई। वीडियो वायरल हुआ तो बृहस्पतिवार को एसडीएम व बीडीओ गोशाला पहुंचे। यहां अव्यवस्थाएं देखकर उन्होंने प्रधान व सचिव के साथ ही केयरटेकरों से भी नाराजगी जताई। मृत गोवंशों के शवों को जमीन में दबा दिया।
ग्रामीणों के अनुसार, 22 मई को वृहद गोशाला का शुभारंभ किया गया था। कागजों पर यहां 440 गोवंश दर्ज हैं। बुधवार को एसडीएम उदित पवार गोशाला पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान गोशाला में गंदगी, चारे और उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं मिली। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी संगीता, प्रधान अनमोल और केयर टेकर राजकुमार को डांट लगाई थी।
उन्होंने दो दिन के अंदर व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए थे। इसके बाद बृहस्पतिवार को दो और मंगलवार-बुधवार को 12 गायों के मृत होने का वीडियो वायरल हो गया। मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम और खंड विकास अधिकारी ओमप्रकाश मौके पर पहुंचे तो जांच में मामला सही पाया गया है। संवाद
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शवों को नोच रहे थे कौवे, पशु चिकित्साधिकारी पर लगाए आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि यहां मृत अवस्था और बीमार पड़े गोवंशों के ऊपर कौवे बैठकर उनके शरीर को नोच रहे थे। इसे देखकर एसडीएम ने नाराजगी जताते हुए पशु चिकित्साधिकारी धर्मेंद्र कुमार को बुलाया, लेकिन उन्होंने किसी भी पशु का उपचार नहीं किया। एसडीएम ने जेसीबी मशीन मंगाकर मृत पशुओं के शव और उनके अवशेषों का दबवाया। ग्रामीणों का आरोप है कि पशु चिकित्सा अधिकारी स्वयं न आकर अपने कर्मचारी राजीव कुमार को पशुओं की देखभाल करने के लिए भेजते हैं।
बुधवार को निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई के साथ बीमार पशुओं के उपचार कराने के निर्देश दिए थे। गोवंशों की मौत होने का मामला गंभीर है। मामले की जांच कराएंगे। रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए डीएम को भेजेंगे। - उदित पवार, एसडीएम, नवाबगंज
बृहस्पतिवार को जिले भर में अभियान चलाकर पूर्व में शव दफनाने वाली जगहों का निरीक्षण कराया है। बारिश के कारण कई जगह शव के ऊपर की मिट्टी हट गई थी। यहां गड्ढों को गहरा कराया गया है। बृहस्पतिवार को मधुनगला गोशाला में दो गोवंशों की मौत हुई है। - अविनाश सिंह, डीएम