बरेली। छात्र संख्या और ऑडिट रिपोर्ट देने में गला फंसता देख कॉलेजों ने इससे बचना शुरू कर दिया है। 63 में सिर्फ 18 स्कूलों ने ही यह जानकारी डीआईओएस को दी। बाकी स्कूल ने पत्र का जवाब ही नहीं भेजा। स्कूलों की रिपोर्र्ट अब डीएम के सामने प्रस्तुत की जाएगी। विभाग ऐसे स्कूलों से सख्ती से निपटने के मूड में है। उनको नोटिस भी जारी किया जाएगा।
दरअसल, 63 स्कूलों ने इस साल की ऑडिट रिपोर्ट जमा नहीं की थी। इसके अलावा तमाम स्कूलों ने छात्र संख्या भी सही नहीं दी। मंडलीय रिपोर्ट और पिछले रिकॉर्ड से यह बात सामने आई। ऑडिट रिपोर्ट में आय कम दिखाने के लिए स्कूलों ने यह सारा खेल किया। जिला समिति ने फिर से सभी स्कूलों से वर्तमान और पिछले सत्रों की छात्र संख्या मांगी है। इसके अलावा इस साल की ऑडिट रिपोर्ट मांगी। अधिकतर स्कूलों ने इस साल की ऑडिट रिपोर्ट नहीं दी थी। स्कूलों को रिकॉर्ड जमा कराने के लिए शुक्रवार तक का वक्त दिया गया था, जिसमें महज 18 स्कूलों ने ही रिकॉर्ड दिए, जबकि डीएम ने पंद्रह दिन के भीतर सारी कार्रवाई पूरी कर फीस समायोजन के निर्देश दिए थे। अब जो रिकॉर्ड आए हैं उनका परीक्षण किया जाएगा। फिर रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
वहीं इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष पारुष अरोड़ा का कहना है कि कई स्कूलों के पास रिकॉर्ड मांगने का लेटर नहीं पहुंचा है। उनके पास भी पत्र नहीं आया है, जिनके पास पहुंचा है वो दे रहे हैं। इन दिनों सर्दियों की छुट्टियां चल रही हैं। ऐसे में स्कूलों को रिकॉर्ड भेजने में दिक्कत हो रही है।
18 स्कूलों ने ही रिकॉर्ड दिए हैं, जिनका रिकॉर्ड नहीं आया है उनको नोटिस भेजा जाएगा। स्कूलों को हर हाल में पूरे रिकॉर्ड देने होंगे तभी तो कार्रवाई पूरी हो सकेगी।
डॉ. अचल कुमार मिश्रा, डीआईओएस