जीआरपी थाने के पास एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियां) लगने से यात्रियों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद कम ही है। सुभाषनगर वालों को इसका भरपूर फायदा मिलेगा। अब यह तो रेलवे प्रबंधन ही बेहतर जानता होगा कि वह एस्केलेटर यात्रियों की सुविधा के लिए लगा रहा है या सुभाषनगर के लोगों की। इंजीनियरिंग विभाग जल्द ही नापतौल करके एस्केलेटर लगाने का काम शुरू करने की बात कह रहा है।
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की मंशा के अनुरूप एस्केलेटर पहले जीआरपी एंड पर लगेगा। मुरादाबाद एंड पर बाद में लगेगा। प्लेटफार्म दो, तीन और चार पर जाने के लिए इस समय जंक्शन पर फुट ओवरब्रिज है। इधर, सरकुलेटिंग एरिया से एक फुट ओवरब्रिज से सुभाषनगर के लिए भी रास्ता जाता है। जंक्शन पर यही एक जगह है, जहां एस्केलेटर आसानी से लग सकता है, लेकिन इसका फायदा यात्रियों को कम और सुभाषनगर वालों को ज्यादा मिलेगा। चूंकि इस रास्ते से प्लेटफार्म पर जाने के सभी रास्ते बंद हैं। ऐसे में सरकुलेटिंग एरिया वाले रास्ते पर एस्केलेटर लगने पर यात्रियों को कोई फायदा नहीं मिलेगा। उन्हें फिर भी सीढ़ियों से ही अन्य प्लेटफार्मों पर ही आना-जाना होगा। रेलवे के जानकारों का कहना है कि प्लेटफार्म नंबर एक पर एस्केलेटर लगाने की जगह केवल सीढ़ियों के पास ही हैं। सीढ़ियां तोड़ेंगे तो यात्रियों का दबाव एस्केलेटर पर बढ़ जाएगा, इससे खतरा भी है। इस संबंध में कोई अधिकारी कुछ बताने को तैयार नहीं है। हालांकि यदि पार्सल घर के पास एस्केलेटर लगाया जाए तो इससे यात्रियों को काफी फायदा मिल सकता है। इंजीनियरिंग विभाग के सूत्रों का कहना है कि जल्द ही नापतौल करके एस्केलेटर लगाने की शुरूआत होगी।