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फ्लैग-ऋण मोचन योजना
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पोर्टल में अटकी 15 हजार किसानों की कर्जमाफी
ऑनलाइन शिकायतों का नहीं हो पा रहा निस्तारण
23 मार्च तक शासन को भेजनी है वंचितों की संख्या

अमर उजाला ब्यूरो

बरेली। ऋण मोचन योजना में कर्ज माफी के लिए भटक रहे किसानों की परेशानी खत्म नहीं हो रही। पोर्टल न चलने से किसानों की करीब 15 हजार ऑनलाइन शिकायतों की जांच नहीं हो पा रही है, जबकि कृषि विभाग को सभी लंबित मामलों की जांच कराके 23 मार्च तक शासन को वंचित किसानों का ब्योरा भेजना है। इधर, करीब छह हजार मैनुअल शिकायतों की जांच भी तहसीलों में अटकी है।
दो हेक्टेयर से कम भूमि वाले किसानों का मार्च 2016 तक लिया गया एक लाख का कर्ज माफ होना है, जबकि तहसील और बैंक अधिकारियों की गलत रिपोर्ट लगने से हजारों किसानों की कर्ज माफी नहीं हो सकी। ऐसे किसान जनवरी से कृषि विभाग के चक्कर काट रहे हैं। ऐसे 15 हजार से ज्यादा किसानों ने विभाग को ऑनलाइन शिकायतें की हैं। इसके अलावा कृषि विभाग के दफ्तर में भी करीब छह हजार शिकायतें किसानों ने सीधे जमा कीं। दिक्कत यह आ रही है कि पोर्टल न चलने से ऑनलाइन शिकायतों की जांच नहीं हो पा रही है, जबकि कृषि विभाग को सभी लंबित शिकायतों का निस्तारण करके 23 मार्च तक शासन को यह बताना है कि जिले में कितने किसानों की कर्ज माफी अभी होनी है।
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किसान पूछ रहे...उनका क्या कसूर
कर्ज माफी न होने से तहसील से लेकर बैंक तक चक्कर काट रहे गरीब किसानों की भीड़ यहां कृषि विभाग के दफ्तर में भी उमड़ रही है। हालांकि कृषि विभाग के कर्मचारी दूरदराज से आने वाले किसानों को यह कहकर वापस कर रहे हैं कि शिकायत जमा करने की अंतिम तिथि 10 मार्च ही थी। किसान कह रहे हैं कि गलती सिस्टम की है तो उसका खामियाजा उन्हें क्यों भुगतान पड़ रहा है।
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वर्जन
पोर्टल न चलने से ऑनलाइन शिकायतों की जांच नहीं हो पा रही है, जबकि कर्ज माफी के लिए 23 मार्च तक शासन को वंचित किसानों का ब्योरा भेजना है। - आरटी यादव, जिला कृषि अधिकारी
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