नवरात्र के अंतिम दिन मंदिरों में देवी के आठवें और नौवें स्वरूप की पूजा की हुई। देवी उपासकों ने घरों में पूजा करने के बाद कन्या भोज कराकर व्रत का परायण किया। तमाम श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर देवी के दर्शन कर वहीं कन्याओं को भोज कराकर व्रत खोला। रविवार को नवरात्र का आखिरी दिन था, इसलिए मंदिरों में भक्तों की सुबह से ही भीड़ रही।
साहूकार स्थित नौ दुर्गा मंदिर में सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। लोगों ने देवी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और मनौती मांगी। यहां दिनभर काफी भीड़ रही। मंदिर में यज्ञ हुआ। महिलाओं को शृंगार बांटा गया। मंदिर के आसपास मेले जैसे दृश्य रहा। कालीबाड़ी स्थित काली मंदिर में दोपहर साढ़े 12 बजे भक्तों की भीड़ थी। यहां तमाम लोगों ने देवी के दर्शन कर कन्याओं को भोज कराया और दक्षिणा भेंट की। चौरासी घंटा मंदिर के व्यवस्थापक रविंद्र गर्ग ने बताया कि सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भीड़ रही। रविवार को महिलाओं को मां का शृंगार बांटा। सेलेक्शन टॉवर स्थित नवदुर्गा मंदिर, डेंटल कॉलेज रोड स्थित मां वैष्णो देवी मनोकामना मंदिर, ग्रीन पार्क स्थित दुर्गा मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। अष्टमी और नवमी का मान एक ही दिन रविवार को था, इसलिए नवरात्र का यह आखिरी दिन था। इसी से अष्टमी और नवमी करने वाले दोनों उपासकों ने घरों में देवी की पूजा अर्चना कर कन्याओं को भोज कराया। दान दक्षिणा देकर नौ देवी व्रत का परायण किया। पीलीभीत रोड स्थित झिड़ी धाम में बड़ी संख्या में देवी भक्त पहुंचे। यहां राम जन्मोत्सव मनाया गया। कीर्तन मंडल के सदस्यों ने भजन और बधाइयां गाईं।