नोडल अफसरों की रिपोर्ट में जिले के 13 गांव कुपोषण मुक्त करने का दावा किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि 27 गांव दो माह में कुपोषण मुक्त हो जाएंगे। इन गांवों को कुपोषण मुक्त करने का काम तेजी से चल रहा है। कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित पोषण मिशन की बैठक में ब्लॉकों से मिली रिपोर्ट में जानकारी दी गई कि क्यूड़ी बुजुर्ग, कुआडांडा, मठिया नगला, लौंगपुर, भगौतीपुर, सराऊ, फिरोजपुर, चुनारवदिया, हरवंशपुर, सिलीजागीर, रुडकी, रतनपुर गांव कुपोषण मुक्त हो चुके हैं। 27 गांव कुपोषण मुक्ति के करीब हैं। इनमें एक या दो बच्चे ही कुपोषित हैं। दो महीने में ये गांव भी कुपोषण मुक्त हो जाएंगे। डीएम ने कुपोषण मुक्त हो चुके गांवों के सत्यापन के लिए जिला स्तरीय कमेटी बनाई है। ये भौतिक सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट देगी। ब्लाक फतेहगंज पश्चिमी, भदपुरा, दमखोदा और रामनगर में पोषण मिशन के काम की धीमी गति पर डीएम ने नाराजगी जताई। बैठक में सीडीओ सत्येंद्र कुमार समेत सभी बीडीओ उपस्थित रहे। संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी बुद्धि मिश्रा ने किया।
डीएम की अध्यक्षता में बैठक आठ को
डीएम आर. विक्रम सिंह की अध्यक्षता में आठ मार्च को अपराह्न तीन बजे कलक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक होगी। यह जानकारी सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने दी।