बरेली। पश्चिमी विक्षोभ के असर से शुक्रवार को दिन में कभी बादल छाए रहे तो कभी थोड़ी देर के लिए धूप निकली। शाम को अचानक काली घटाएं उठीं और धूल भरी तेज रफ्तार हवा चलने लगी। बादलों की गड़गड़ाहट भी हुई। देर रात हवा चलने के साथ बूंदाबांदी भी हुई। तापमान सामान्य से 1.0 डिग्री सेल्सियस कम हो गया। आज भी हल्के बादल छाए रहेंगे। धूप भी निकलेगी, लेकिन हवा चलने और बूंदाबांदी से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि इसके बाद आगामी छह दिन तक अधिकांश समय आसमान साफ रहेगा। कभी-कभार बादल दिखेेंगे, लेकिन बारिश होने के आसार न के बराबर हैं। तापमान कम होने से भीषण गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिल जाएगी।
शुक्रवार को दिन में अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.0 डिग्री सेल्सियस कम था। सुबह 5 बजकर 21 मिनट पर सूर्य निकले। थोड़ी ही देर में बादल छा गए। ठंडी हवा चलने के बाद पूर्वाह्न 11 बजे सूर्य बादलों की ओट में हो गए। सुबह हल्की बूंदाबांदी भी हुई। दिन में भी बादल छाए रहे। सूर्य बादलों की आड़ में रहे, कभी-कभी धूप भी निकली। शाम को 6 बजकर 47 मिनट पर सूर्यास्त हुआ। शाम को करीब 7 बजे एक बार फिर आसमान में काली घटा छा गई और धूल भरी तेज रफ्तार हवा चलने लगी। बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बूंदाबांदी होने से मौसम खुशगवार हो गया। न्यूनतम तापमान कम होने से मई की गर्मी में कुछ समय के लिए सर्दी का अहसास होने लगा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाहा ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का असर कुछ देर के लिए था, मगर 18 से 23 मई तक आसमान अमूमन साफ रहेगा। बादल छाए रहने से दिन और रात के तापमान में 4.0 से 6.0 डिग्री सेल्सियस की कमी रहेगी। अब तक चली आ रही भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। आगामी सप्ताह अधिकतम तापमान 37.0 से 38.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.0 से 24.0 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने का अनुमान है।