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पार्किंग नहीं बनाई तो जेल जाएंगे बरातघर-नर्सिंग होम वाले

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बरेली। बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल ने शहरवासियों को प्राधिकरण के नियमों का पालन कराने के लिए नई पहल शुरू की है। बीडीए द्वारा कराए गए सर्वे में 350 अवैध व्यवसायिक निर्माण चिह्नित करने की जानकारी देते हुए वीसी ने कहा कि इनमें अधिकांश नर्सिंग होम, बरातघर या अन्य व्यवसायिक निर्माण करने वाले भवन मालिकों को नोटिस भेजे गए हैं। ये भवन मालिक 07 से 29 मई तक रोजाना सुबह 11 से अपराह्न 2.0 बजे तक लगने वाले बीडीए के शिविर में अपना पुराना नक्शा लाकर वर्तमान व्यवसायिक गतिविधियों के हिसाब से शमन शुल्क जमा कर नया नक्शा स्वीकृत करा लें। इसके बाद सभी अवैध निर्माण संचालकों पर प्राधिकरण नियमों के तहत एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
बीडीए सभागार में बुलाई गई पत्रकार वार्ता में बीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि उनके आने से पहले बरेली विकास प्राधिकरण में कामर्शियल नक्शे स्वीकृत कराने का प्रचलन ही नहीं था। यही वजह है कि नर्सिंग होम, बरातघर और शॉपिंग मॉल संचालक आवासीय नक्शे स्वीकृत कराकर बिना पार्किँग या प्राधिकरण के नियम विरुद्ध कामर्शियल गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। बीडीए ने ऐसे 350 अवैध कामर्शियल निर्माण चिह्नित किए हैं, जिनके नक्शे स्वीकृत नहीं है या फिर आवासीय नक्शे पर कामर्शियल गतिविधियां चला रहे हैं। उनके लिए एक मौका है। ऐसे भवन मालिकोें को अपने निर्माण नियमित कराने के लिए 07 से 29 मई तक पूर्वाह्न 11 से अपराह्न 2.0 बजे तक लगने वाले बीडीए शिविर में आकर वर्तमान कामर्शियल गतिविधियों के हिसाब से मानचित्र स्वीकृत कराने होंगे।
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भवन मालिक अपने साथ यह प्रमाण पत्र लाएं
1- अपने भवन का पुराना नक्शा यदि हो तो
2- प्रस्तावित नक्शा किसी आर्किटैक्ट से बनवाकर
3- दो फोटो ग्राफ और शमन शुल्क बैंक ड्राफ्ट के रूप में
4- अगर भवन में पार्किंग नहीं है तो उसे बेसमेंट में बनवाकर नक्शा दाखिल करें
5- नक्शे में पार्किंग दिखाकर बेसमेंट को इमरजेंसी या जरनल वार्ड बनाने वाले उसे पार्किँग में तब्दील करेंगे। तब नया नक्शा दाखिल करेंगे।

रामपुर गार्डन पर खास फोकस
बीडीए उपाध्यक्ष का रामपुर गार्डन पर खास फोकस था। उनका कहना था कि रामपुर गार्डन में अधिकांश भवन मालिक प्राधिकरण से आवासीय नक्शे स्वीकृत कराकर उनमें नर्सिंग होम चलाते हैं। प्रारंभिक सर्वे में बीडीए ने 50 ऐसे भवन चिह्नित किए हैं, जिनके आवासीय नक्शे स्वीकृत हैं, लेकिन उनमें कामर्शियल गतिविधियां संचालित हो रही हैं। हालांकि यहां ऐसे भवनों की संख्या इससे भी ज्यादा है, जो बीडीए के नियमों का पालन न करके कामर्शियल गतिविधियां चला रहे हैं। वह भी अपने पुराने नक्शे तुरंत बीडीए कैंप में लाकर शमन शुल्क जमा कर कामर्शियल में अपडेट करा लें। अन्यथा ऐसे भवनों को सील करके उनके मालिकों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

जेई और स्टाफ की गैर कानूनी डिमांड
बीडीए उपाध्यक्ष ने स्वीकार किया कि उनके विभाग के जेई और अन्य स्टाफ की गैर कानूनी डिमांड करने की वजह से बरेली में अवैध निर्माण को बीते कई साल से बढ़ावा मिला है। मगर अब वह कैंप लगवाकर इन समस्याओं का समाधान कराएंगी। उसमें जेई, एई से लेकर चीफ टाउन प्लानर समेत सब अधिकारी रहेेंगे। यहां जो भी पैसा जमा होगा, वह नंबर एक में होगा। उसकी रसीद मिलेगी। किसी को भी नंबर दो का पैसा देने की जरूरत नहीं है। काम में अनावश्यक लेटलतीफी किसी भी स्तर पर नहीं रहने दी जाएगी। जिसका नक्शा स्वीकृत होने योग्य नहीं होगा, उसको तुरंत बता दिया जाएगा। उसे कोई भी शुल्क जमा नहीं करना पड़ेगा। बीडीए वीसी ने माना कि अवैध निर्माण में जितनी गलती शहरवासियों की है, उतनी ही बीडीए के अफसरों और स्टाफ की। मगर अब उसमें कुछ नहीं किया जा सकता। वह केवल सुधार कराना चाहती हैं। शहरवासी इसमें सहयोग करेंगे तो आने वाले समय में शहर को जाम और अतिक्रमण की समस्या से छुटकारा मिलेगा। कामर्शियल नक्शा पास कराने से उनकी प्रापर्टी की वैल्यू बढ़ेगी।
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वेबसाइट पर अपलोड होंगे नक्शे
बीडीए से जो भी नक्शे स्वीकृत किए जाएंगे। चाहे वह आवासीय हों या फिर कामर्शियल। उन सबको वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। कोई भी उसे देख सकता है। सब कुछ ऑनलाइन रहेगा। बीडीए उपाध्यक्ष ने साफ चेतावनी दी कि अब तक जिनकी आदत प्राधिकरण नियमों का उल्लंघन करके बिल्डिंग बनाने की पड़ गई या आवासीय नक्शे पास कराकर कामर्शियल गतिविधियां चलाने को ही वैद्यता समझ रहे, अब नहीं चल पाएगा। सब लोग सकारात्मक सोच के साथ बीडीए कैंप में आकर प्राधिकरण नियमों के तहत अपने भवन नियमित कराएं। यहां बीडीए उपाध्यक्ष के अलावा सचिव अंबरीश कुमार, सीटीपी आशीष शिवपुरी, एक्सईएन मोहनलाल समेत एई और जेई आदि।
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