शाहजहांपुर। मतदान के दौरान कार्मिक की अचानक सीने में दर्द होने से तबीयत बिगड़ गई। पीठासीन अधिकारी ने एंबुलेंस को कॉल करके उसे अस्पताल भिजवाया। सोमवार रात लखनऊ के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। शव घर पर पहुंचा तो कोहराम मच गया। वह अविवाहित था। लोनिवि गेस्ट हाउस के सरकारी आवास में अपने भाई के साथ रहता था।
नगर पंचायत जलालाबाद में सफाई कर्मचारी के पद पर तैनात 28 वर्षीय सुरेंद्रपाल की लोकसभा चुनाव में ड्यूटी थी। सुरेंद्र को मतदान अधिकारी तृतीय का जिम्मा मिला था। ददरौल विधानसभा में मतदेय स्थल 75 पर उसकी तैनाती थी। यहां पीठासीन अधिकारी अनिल कुमार थे। बतौर सेक्टर मजिस्ट्रेट खंड शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार द्विवेदी की तैनाती थी। सोमवार सुबह करीब 11 बजे सुरेंद्रपाल के सीने में दर्द होने लगा। उसकी तबीयत बिगड़ गई। पीठासीन अधिकारी ने इस बारे में सेक्टर मजिस्ट्रेट को सूचना दी। इसके साथ ही एंबुलेंस को बुला लिया। सुरेंद्रपाल को अस्पताल भेज दिया गया। हालत ज्यादा खराब होने पर उनको लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ में उन्होंने दम तोड़ दिया। परिवार वालों का कहना है कि सुरेंद्रपाल बीमार नहीं थे। अचानक तबियत कैसे बिगड़ गई कुछ समझ नहीं आ रहा। परिवार वाले शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर रहे हैं। सुरेंद्रपाल अविवाहित था। उसने अपने भाई का एक बेटा गोद ले रखा था। सेक्टर मजिस्ट्रेट शैलेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि पीठासीन अधिकारी ने एंबुलेंस के जरिए कार्मिक को अस्पताल भिजवा दिया था। उच्च अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई थी। कार्मिक शायद पहले से बीमार था।