उझानी/बरेली। इंटर का रिजल्ट आने से पहले शनिवार को लापता हुए नगर निगम कर्मचारी नेता के बेटे का शव तीसरे दिन कछला घाट पर गंगा में उतराता मिला। इस बीच रिजल्ट आया तो वह फेल भी निकला। पोस्टमार्टम में डूबने से मौत की पुष्टि होने के साथ शरीर पर कोई घाव न मिलने से पुलिस उसकी मौत को आत्महत्या बता रही है मगर परिवार उसे अगवा कर गंगा में फेंकने की बात कह रहा है।
बरेली के एसबी इंटर कॉलेज में इंटर का छात्र 18 वर्षीय सतीश वर्मा करगैना की ग्रेटर कॉलोनी निवासी रामचंद्र वर्मा का बेटा था। रामचंद्र नगर निगम बरेली कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष हैं। सोमवार सुबह 10 बजे घाट पर मौजूद लोगों ने गंगा में शव उतराता देखा तो पुलिस को बुला लिया। सतीश की जेब में मिली पर्ची पर दर्ज फोन नंबर पर कछला चौकी इंचार्ज ने कॉल की तो रामचंद्र कछला पहुंचे। पैंट की जेब में सतीश का मोबाइल भी मिला। रामचंद्र ने बताया कि शनिवार सुबह साढ़े 10 बजे सतीश यह कहकर निकला था कि रामपुर गार्डन के कंप्यूटर सेंटर पर उसे फॉर्म भरना है। करीब 12 बजे उसने मां मीना को फोन पर बताया कि पापा का एक्सीडेंट हो गया है, वह उन्हें देखने जा रहा है। इसके बाद मीना ने जब भी उसे फोन किया, किसी और ने कॉल रिसीव की। वह नगर निगम में ड्यूटी पर थे। मीना ने उन्हें फोन करके वाकया बताया तो उन्हें अनहोनी की आशंका होने लगी। उन्होंने उसी दिन सुभाषनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। जांच में पता लगा कि सतीश ने करगैना के पास एक होटल में दो लड़कियों के साथ कोल्डड्रिंक पी थी। होटल की सीसीटीवी फुटेज में से भी इसकी पुष्टि हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला है कि सतीश की मौत शव मिलने से 24 से 36 घंटे पहले हो चुकी थी।
अनसुलझी कहानी.. साजिश या आत्महत्या
जेब में मोबाइल के साथ लेमिनेटिड पर्ची पर मिले पिता और बहनों के नंबर
उझानी (बदायूं)। बदायूं से लेकर बरेली तक की पुलिस सतीश की मौत को फेल होने के डिप्रेशन में की गई आत्महत्या मान रही है, लेकिन घरवालों को उन दो लड़कियों में से एक के भाइयों पर शक है जिन्होंने शनिवार को होटल में उसके साथ कोल्डड्रिंक पी थी। चर्चा है कि एक लड़की से सतीश की दोस्ती थी। सतीश रामचंद्र की चार संतानों में इकलौता बेटा था। पिता का कहना है कि सतीश घर से जो सैंडल पहनकर निकला, उनके बजाय शव के पास दूसरे सैंडल मिले। लड़कियों के साथ कोल्डड्रिंक पीने के दौरान होटल के गेट पर दो युवक और एक लड़की और थे। यह भी सीसीटीवी फुटेज में है। कछला चौकी इंचार्ज राकेश वर्मा ने बताया कि गंगाघाट पर देर रात तक चहलकदमी रहती है। कोई किसी को लाकर यूं ही डूबा दे या पुल से फेंक दे, ऐसा असंभव है। सतीश के शरीर पर पूरे कपड़े थे। वह नहाते समय डूबता तो कपड़े घाट पर उतारकर जाता। सतीश की जेब से जो पर्ची निकली, वह लेमिनेटिड थी। उसी पर पिता रामचंद्र और दो बहनों के मोबाइल नंबर लिखे थे। मोबाइल साथ होने के बाद भी सतीश को तीन फोन नंबर क्यों लेमिनेटिड कराने पड़े, यह भी एक सवाल है।
सुभाषनगर पुलिस पर तोहमत, पुलिस बोली- एटा तक आई लोकेशन
बरेली। सतीश के घरवालों का कहना है कि लापता होने के बाद सुभाषनगर पुलिस ने दो लड़कियों से पूछताछ की लेकिन बेटे के मोबाइल को ट्रेस करने के लिए सर्विलांस पर नहीं लगाया। पुलिस तेजी से काम करती तो सतीश बच सकता था। इंस्पेक्टर हरिश्चंद्र जोशी सुभाषनगर का कहना है कि सतीश शुरू से गुमराह कर रहा था। इंटर में वह तीन विषयों में फेल हो गया था। उसका नंबर सर्विलांस पर लगाया तो लोकेशन बदायूं और फिर एटा साइड तक आई। उसने खुद ही जान दी है। मौत का समय भी लगभग एक से डेढ़ दिन पहले का है। इससे लग रहा है कि डिप्रेशन में वह पहले आगे तक गया और फिर उसी रात कछला आकर खुदकुशी कर ली।
शव लेकर आए दरोगा से अभद्रता, जाम लगाने की कोशिश
बरेली। बदायूं से पोस्टमार्टम के बाद मढ़ीनाथ चौकी प्रभारी प्रदीप पुलिस अभिरक्षा में सतीश का शव लेकर आए। वे अकेले ही थे। मृतक के परिजन भी पीछे आ रहे थे। इस बीच गुस्साई भीड़ ने करगैना चौकी के पास वाहन रोककर हाईवे पर जाम लगा दिया। वे घटना को हत्या बताते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। दरोगा प्रदीप कुमार ने इन्हें समझाकर रोड खाली कराने की कोशिश की तो भीड़ ने उनसे अभद्रता कर दी। इससे दरोगा की शर्ट के बटन टूट गए। उनका मोबाइल गिर गया जिसकी बैटरी बाद में भी नहीं मिली। उनकी सूचना पर इंस्पेक्टर सुभाषनगर काफी फोर्स लेकर पहुंचे और लाठियां फटकार कर भीड़ को हटा दिया। देर रात मृतक पक्ष ने चार लड़की और एक लड़के के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर रिपोर्ट कराने की मांग की। इंस्पेक्टर ने जांच की बात कही। उनका कहना था कि दरोगा से अभद्रता मामले में भी पुलिस कार्रवाई करेगी।