बरेली। लालफाटक पर सर्विस लेन बनाए बगैर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू कराने से भले ही हादसों में कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ गई हो, लेकिन सेतु निगम के अधिकारी इससे कोई सबक नहीं ले रहे। सेटेलाइट और चौपुला फ्लाईओवर के काम सर्विस लेन बनाए बगैर ही शुरू करा दिए हैं, जिससे यहां जाम की दिक्कत तो पैदा हो ही गई है, साथ ही हादसे का खतरा भी बढ़ गया है। सेतु निगम के अधिकारी वन विभाग से एनओसी न मिलने की बात कहते हुए सर्विस लेन अभी न बन पाने की बात कह रहे हैं।
सेतु निगम के अधिकारियों ने मार्च शुरूआत में चौपुला फ्लाईओवर का निर्माण आधी-अधूरी तैयारियों के बीच शुरू कराया था। सेतु निगम की टीम ने चौपुला से अयूब खां की तरफ सर्विस लेन बनाने के लिए फुटपाथ की खुदाई शुरू की थी, लेकिन वन विभाग के अधिकारियों ने रोड साइड में फॉरेस्ट की जमीन होने की बात कहते हुए अड़ंगा लगा दिया। इसके बाद पुल निर्माण का काम बंद हो गया। कुछ दिन पहले सेतु निगम के अधिकारियों ने एक बार फिर से इस पुल का निर्माण शुरू कराया। इसके लिए चौपुला से अयूब खां की तरफ डिवाइडर के एक साइड की सड़क को बैरियर लगाकर बंद कर दिया गया, जबकि दूसरे ओर की सड़क पर बीच में सीमेंट के डिवाइडर रख दिए गए, जिससे सड़क काफी संकरी हो गई है। हालांकि लखनऊ और दिल्ली की तरफ जाने वाली रोडवेज बसें अयूब खां से चौपुला के बजाय चौकी चौराहा होते हुए निकाली जा रही हैं। बावजूद इसके यहां काफी जाम लग रहा है।
सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि वन विभाग से एनओसी लेने की प्रक्रिया चल रही है, जिसके मिलते ही रोड को चौड़ा करने के लिए सबसे पहले सर्विस लेन का ही निर्माण कराया जाएगा।
यही दिक्कत सेटेलाइट फ्लाईओवर को लेकर पैदा हो गई है। यहां भी सेतु निगम ने सड़क किनारे वन विभाग के स्वामित्व वाले फुटपाथ पर सर्विस लेन बनाने के लिए एनओसी नहीं ली है, जबकि पुल का निर्माण करीब डेढ़ माह से चल रहा है। ईसाईयों की पुलिया की तरफ पांच पिलर बनाने के लिए फाउंडेशन का काम पूरा किया जा रहा है। सर्विस लेन न बनने और लचर ट्रैफिक सिस्टम का खामियाजा पब्लिक को झेलना पड़ रहा है।
सेटेलाइट और चौपुला पुल की सर्विस लेन बनाने के लिए फॉरेस्ट विभाग से एनओसी मांगी गई है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही सर्विस लेन बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
-वीके सेन, डीपीएम