बरेली। राजनीति में रहते हुए भी ‘जेंटलमैन’ की छवि रखने वाले शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार पर गंभीर आरोप लगे हैं। पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर के नजदीकी ठेकेदार मुनीश शर्मा और भाजपा के बागी पार्षद विपुल लाला ने मेयर उमेश गौतम के बाद डॉ. अरुण को भी निशाना बनाते हुए उन पर सत्ता की हनक दिखाकर नियमों के खिलाफ नगर निगम की गाड़ियों के लिए अपने पेट्रोल पंप से डीजल की सप्लाई करने का आरोप लगाया है। राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष से इसकी शिकायत कर विधायक डॉ. अरुण को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है। उधर, डॉ. अरुण ने सफाई दी है कि उन्हें नियमों की जानकारी नहीं थी। अगर डीजल की सप्लाई नियमों के विरुद्ध है तो वह इसे तत्काल बंद करने को तैयार हैं।
नगर निगम नियमावली के मुताबिक शहर विधायक इसके पदेन सदस्य होते हैं। इसी अधिनियम की धारा 25(ई) के तहत वह नगर निगम में कोई ठेकेदारी, सामान की सप्लाई या लाभ अर्जित करने वाला कोई अन्य काम नहीं कर सकते। ऐसा करने पर नगर निगम अधिनियम की धारा 25(7) के तहत उन्हें अयोग्य ठहराया जा सकता है। आरोप है कि नगर निगम में सत्ता बदलने के बाद नगर विधायक डॉ. अरुण ने नियम को दरकिनार कर फायदे का हिसाब-किताब बना लिया। 22 जनवरी जनवरी को डॉ. अरुण कुमार ने खुद को क्वालिटी फ्यूल्स, पीरबहोड़ा का डीलर बताते हुए तत्कालीन नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव को पत्र लिखा कि उनका पेट्रोलपंप उच्चकोटि का है और पूरी तरह से ऑटोमेटेड है। वह नगर निगम को डीजल सप्लाई करना चाहते हैं और अगर निगम चाहेगा तो उसे बताए गए स्थान पर भी निशुल्क डीजल पहुंचा देंगे।
दो दिन में पूरी हो गई सारी प्रक्रिया
आमतौर पर टैक्स के बिल और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए कई-कई दिन चक्कर कटवाने वाले निगम अफसरों ने इस मामले में बड़ी तेजी से कार्रवाई की। 22 जनवरी को दिए डॉ. अरुण कुमार के प्रस्ताव पर तेजी दिखाते हुए नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने तत्काल प्रस्ताव बनाकर उसे मंजूरी के लिए नगर आयुक्त के समक्ष रखा और 24 जनवरी को क्वालिटी फ्यूल्स, पीरबहोड़ा से डीजल लेने के लिए वर्क ऑर्डर भी जारी हो गया।
एक महीने में 7.65 लाख की सप्लाई
वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद फरवरी माह में ही इस पेट्रोल पंप से 7.65 लाख रुपये का डीजल सप्लाई किया गया। यह डीजल दो बार में सप्लाई हुआ। इसमें पहला बिल 56 वाहनों के लिए 406349 रुपये और दूसरा बिल 48 वाहनों के लिए 359486 रुपये का बनाया गया है।
क्वालिटी फ्यूल्स मेरा ही पेट्रोलपंप है। अभी हाल ही में मैंने नगर निगम को डीजल देना शुरू किया है। अगर यह नियम विपरीत है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं, मैं निगम को डीजल देना बंद कर दूंगा। - डॉ. अरुण कुमार, नगर विधायक
यह मामला मेरी जानकारी में नहीं है, पूर्व नगर आयुक्त ने ऐसा किया होगा। जानकारी मिली है कि विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत की गई है। मैंने इसकी फाइल निकालने के आदेश दिए हैं, जांच की जाएगी। - सैमुअल पॉल एन., नगर आयुक्त