बरेली। सपा और बसपा का गठबंधन लोकसभा चुनाव में क्या असर दिखाएगा.. ये तो चुनाव के नतीजे बताएंगे, लेकिन गुजरे वक्त पर नजर दौड़ाएं तो ये दोनों दल बरेली सीट एक अदद जीत के लिए तरसते रहे हैं। इस सीट पर न तो कभी साइकिल दौड़ सकी न कभी हाथी की धमक दिखाई दी। आजादी के बाद इस सीट पर अब तक 16 बार चुनाव हो चुके हैं, जिसमें सात बार भाजपा तो पांच बार कांग्रेस विजयी रही है। दो बार भारतीय जनसंघ, एक बार भारतीय लोकदल और एक बार जनता पार्टी को भी यहां जीत मिली है। भाजपा ने तो लगातार छह बार जीत का परचम लहराया है।
लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। इसी के साथ सभी दलों की कवायद भी शुरू हो गई है। सत्ताधारी भाजपा के आगे सीट बरकरार रखने की चुनौती है तो विपक्षी दलों के लिए यहां अपना झंडा बुलंद करने की। सभी अपनी-अपनी कोशिश में लग गए हैं। इस बार बसपा और सपा गठबंधन हुआ है और बरेली लोकसभा सीट सपा के हिस्से में आई है। यानी इस बार यहां बसपा का उम्मीदवार मैदान में नहीं होगा। अगर पिछले चुनावों पर नजर दौड़ाएं तो यहां सपा को कभी जीत नहीं हासिल हुई। यही स्थिति बसपा के साथ रही है। प्रदेश में कई बार सरकार बना चुके दोनों दल यहां कभी भी जीत का स्वाद नहीं चख सके। इस बार का चुनाव परिणाम क्या होगा, ये तो बाद में ही पता चलेगा, लेकिन गठबंधन के बाद सपा की उम्मीदें कुछ बढ़ी तो हैं ही।
अब तक के चुनाव परिणाम
1952- सतीश चंद्र (कांग्रेस)
1957- सतीश चंद्र (कांग्रेस)
1962- बृजराज सिंह (भारतीय जनसंघ)
1967- बी.बी लाल (भारतीय जनसंघ)
1971- सतीश चंद्र (कांग्रेस)
1977- राम मूर्ति (भारतीय लोक दल)
1980- निसार यार खान (जनता पार्टी)
1981(उप चुनाव)- आबिदा अहमद (कांग्रेस)
1984- आबिदा अहमद (कांग्रेस)
1989- संतोष गंगवार (भाजपा)
1991- संतोष गंगवार (भाजपा)
1996- संतोष गंगवार (भाजपा)
1998- संतोष गंगवार (भाजपा)
1999- संतोष गंगवार (भाजपा)
2004- संतोष गंगवार (भाजपा)
2009- प्रवीन सिंह ऐरन (कांग्रेस)
2014- संतोष गंगावर (भाजपा)