बरेली। इस्लाहे मुआशरा कांफ्रेंस की चौथी नशिस्त करेली करगैना में आयोजित की गई। इसमें मुआशरे के हालात पर चर्चा करते हुए उलमा ने नबी-ए-करीम सीरत पर रोशनी डाली। साथ ही सुधार के लिए तालीम (शिक्षा) पर जोर दिया। इस मौके पर मुख्य अतिथि मौलाना शाहिद मीरगंजवी ने नबी-ए-करीम की जिंदगी पर रोशनी डाली। साथ ही उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया। उन्होेंने कहा कि नबी के रास्ते पर चलकर ही जिंदगी को आसान बना सकते हैं। अध्यक्षता करते हुए जिला जमीयत उलमा के अध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद मियां कासमी ने मुआशरे में फैली बुराइयों की तरफ गौर कराया। उन्होंने कहा, हमारे मुआशरे में तालीम की कमी है, इसीलिए हम बुराइयों के शिकार हो रहे हैं। इसे दूर करने के लिए तालीम की बेदारी जरूरी है। इस दौरान मौलाना शाहिद कासमी, मौलाना अरशद मजाहिरी, मौलाना अशहद तारिक कासमी, हाफिज इजहार, मौलाना हशीमुद्दीन, हनीफ कैप्टन, दानिश, मोइन, अब्दुल मतीन आदि मौजूद रहे।