बरेली। सीबीएसई 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और नकलविहीन संपन्न कराने के लिए शनिवार को बीबीएल पब्लिक स्कूल की अलखनाथ शाखा में कार्यशाला हुई। इसमें 106 विद्यालयों के प्रिंसिपल, सेंटर सुपरिंटेंडेंट, हेड एग्जामिनर और असिस्टेंट हेड एग्जामिनर शामिल हुए। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सहायक सचिव डॉ. मृदुला सिंह और डॉ. मानवीर सिंह ने कार्यशाला का शुभारंभ किया।
परीक्षाओं के बाबत दिए गए सुझावों में से पांच पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। पहला, परीक्षा कक्ष में विद्यार्थियों के अलावा कक्ष निरीक्षक भी मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं ले जा सकेंगे। दूसरा, एक कक्ष में केवल 24 विद्यार्थी ही बैठेंगे। तीसरा, परीक्षार्थियों के अलावा कक्ष निरीक्षक और परीक्षा में शामिल अन्य स्टाफ भी आईकार्ड लगाएंगे। चौथा, मूल्यांकन तेजी से करने के बजाय बेहतर तरीके से करने के लिए 10 के बजाय 12 दिन लिए जाएंगे। पांचवां, त्रुटि रहित मूल्यांकन के लिए केंद्र पर हर विषय का एक मुख्य परीक्षक, तीन उप मुख्य निरीक्षक और अंकों की गणना के लिए एक अतिरिक्त उप मुख्य निरीक्षक मौजूद रहेगा। साथ ही परीक्षा केंद्र को एप के जरिए दर्शाया जाएगा। ईसीएल एप के जरिए परीक्षार्थी अपने परीक्षा केंद्र को जान सकेंगे। कार्यशाला में स्कूल के प्रिंसिपल दीपक अग्रवाल, उप प्रधानाचार्य संतोष पाठक, एडमिनिस्ट्रेटर दीपक गुप्ता, शुभा पांडेय आदि मौजूद रहे।