बरेली। आला हजरत खानदान की बहू निदा खान को तलाक के बाद उनके शौहर शीरान रजा की ओर से उन्हें बगैर हलाला के ही दोबारा अपने साथ रखने की पेशकश करने की खबर से एकाएक माहौल गर्म हो गया है। शुक्रवार को शीरान ने साफ किया कि उन्होंने इस तरह की कोई पेशकश नहीं की है। शरीयत के खिलाफ जाने की बात तो वह तसव्वुर में भी नहीं सोच सकते। यह उन लोगों की साजिश है जो समाज में फितना और फसाद चाहते हैं।
शीरान रजा की ओर से भेजे गए लिखित बयान में कहा गया है कि इस्लामी रस्मोरिवाज के मुताबिक तलाकशुदा बीवी को बगैर हलाला के दोबारा साथ रखना नाजायज है, लिहाजा वह ऐसी बात तो ख्वाब में भी नहीं सोच सकते। उन्होंने कहा कि यह एक मनगढ़ंत बात बनाकर पेश की गई है ताकि फितना और फसाद का माहौल पैदा हो। मामले को सुर्खियों में रखने की भी यह एक कोशिश है। शीरान रजा ने कहा कि शरीयत और इस्लाम के खिलाफ बोलने वालों से वह किसी तरह का कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे ही विवादों से बचने के लिए वह मीडिया से भी दूरी बनाकर रखते हैं। पिछले कुछ समय से उनके और निदा के बीच चल रहे विवाद को लेकर उनके ऊपर तमाम इल्जाम लगे, फिर भी उन्होंने खामोशी बनाए रखी ताकि उनके बयान में कहीं कोई विरोधाभास न निकाला जा सके।
ये कहना तो शरीयत के खिलाफ हो जाएगा
नबीरे आला हजरत मौलाना तस्लीम ने जताई उम्मीद- शीरान ने ऐसा नहीं कहा होगा
शीरान रजा खां के निदा को बगैर हलाला के दोबारा साथ रखने के मसले पर उनके चचा और नबीरे आला हजरत मौलाना तसलीम रजा खां ने कहा है कि उनका मानना है कि शीरान ऐसा बयान नहीं दे सकते। अगर ऐसा होता तो फिर वह खुद इसकी मुखालफत करते। इस तरह का बयान तो शरई तौर पर गलत ही नहीं बल्कि शरीयत में मदाखलत है। वह इस बात की हकीकत पता करने में लगे हैं। उन्होंने बताया कि वह फिलहाल सफर में हैं इसलिए शीरान और दूसरे लोगों से उनकी बात नहीं हो पा रही है। लिहाजा क्या सच है, फिलहाल कुछ नहीं कह सकते।