बदायूं। शासन से गठित चार सदस्यीय उच्च स्तरीय तकनीकी टीम ने शनिवार को उझानी रोड स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज का जायजा लिया। टीम ने करीब पांच घंटे तक हर निर्माण कार्य को बारीकी से परखा। कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए हैं कि जरूरी कामों को ही कराया जाए। टीम ने कॉलेज परिसर में बनने वाले स्कूल, स्टाफ क्वार्टर, शॉपिंग कांप्लेक्स, गेस्ट हाउस, एनिमल हाउस और 10 लिफ्ट के काम पर रोक लगा दी है। टीम शाम को लखनऊ लौट गई।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में कई काम हो रहे हैं। शासन से कुछ समय पहले निर्माण कार्यों को बजट दिया गया था। निर्माण निगम ने शासन से और बजट की डिमांड की थी। शासन ने कॉलेज में हो रहे सभी निर्माण कार्यों की जांच के साथ ही कौन-कौन से काम जरूरी हैं, उन्हें प्राथमिकता पर कराने को एक चार सदस्यीय उच्च स्तरीय तकनीकी टीम बनाकर यहां भेजी। टीम में चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी लखनऊ अश्वनि विश्वदीपक, निर्माण निगम के महाप्रबंधक इंजीनियर एसपीराय, वीके सिंह के साथ ही अपर निदेशक चिकित्सा-शिक्षा डॉ.एनसी प्रजापति थे। टीम दोपहर करीब 12 बजे कॉलेज पहुंची और प्राचार्य डॉ.आरपी सिंह के साथ पूरे परिसर का जायजा लिया। टीम ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि जो जरूरी काम हैं वही करे जाएं, बाकी को रोक दिया जाए। कहा कि स्कूल का निर्माण अभी नहीं किया जाए। परिसर में मार्केट भी प्रस्तावित हैं इसके निर्माण पर भी रोक लगा दी। टीम में शामिल अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिए कि जरूरत के हिसाब से लिफ्ट लगाई जाएं। टीम ने उनकी संख्या कम कर दी है। टीम ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि सभी जरूरी काम एक माह के अंदर पूरे किए जाएं। अब तकनीकी टीम अपनी रिपोर्ट शासन को देगी।
70 करोड़ की और की गई डिमांड
मेडिकल कॉलेज में अन्य निर्माण कार्यों को पूरा कराने को निर्माण निगम ने 70 करोड़ की शासन से डिमांड की। प्राचार्य डॉ.आरपी सिंह ने डिमांड शासन को भेज दी थी।
गुणवत्ता को भी परखा टीम ने टीम ने कॉलेज में हो रहे सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को भी परखा। टीम नमूने भी ले गई है। इसकी जांच के बाद रिपोर्ट शासन को देगी।