अवैध पटाखा फैक्ट्रियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट हो गए हैं। डीएम वीरेंद्र सिंह ने टीम गठित कर दी है। पुलिस भी छानबीन में जुट गई है। कारोबारियों से पटाखा बेचने से पहले यह पूछ रही है- माल कहां से लाए। स्टाक में कितना माल है और कहां रखा है।
दुकानदारों को प्रोफार्मा पर देनी है जानकारी
पटाखा बिक्री का लाइसेंस लेने के लिए दुकानदारों को एक प्रोफार्मा पर सारी जानकारी देनी होगी। इसमें स्टॉक के बारे में तमाम बिंदुओं पर जानकारी देनी होगी। पटाखा बिक्री का अस्थाई लाइसेंस देने से पहले दुकानदारों से प्रोफार्मा भरवाने की जिम्मेदारी संबंधित थानों को सौंपी गई है। इज्जतनगर थाना पुलिस ने प्रोफार्मा भरवाने का काम शुरू भी कर दिया है। सौ फुटा रोड पर लगने वाला पटाखा बाजार इज्जतनगर थाना क्षेत्र में ही आता हैं।
चेकिंग के लिए मजिस्ट्रेट नियुक्ति
जिले में आतिशबाजी की 57 स्थाई दुकानें हैं। इसके अलावा दर्जनों दुकानदार दिवाली पर पटाखा बेचने के लिए अस्थाई लाइसेंस लेते हैं। इन पर नजर रखने के लिए डीएम वीरेंद्र सिंह ने टीमें गठित कर दी हैं। अपर नगर मजिस्ट्रेट, नगर मजिस्ट्रेट, उप जिलाधिकारी को इन दुकानों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मजिस्ट्रेट दुकानों की जांच कर यह सुनिश्चित करेंगे कि कहीं प्रतिबंधित पटाखों का भंडारण तो नहीं है। दुकान आबादी क्षेत्र में तो नहीं है। विक्रय स्थल मानकों के अनुरूप है या नहीं।