फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हॉस्टल में मारपीट करने वाले आठों छात्र विवि से निलंबित

विज्ञापन
MJP Rohilkhand university
विज्ञापन
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के हॉस्टल में मारपीट करने वाले मेेकेनिकल और केमिकल इंजीनियरिंग के आठ छात्रों को हॉस्टल से निकालने के बाद कैंपस से भी दस दिन के लिए निलंबित कर दिया है। दस दिन तक ये छात्र क्लास, लैब, लाइब्रेरी में नहीं जा सकेंगे। शुक्रवार को वार्डन, चीफ प्रॉक्टर के बीच हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। साथ ही मारपीट में शामिल कुछ अन्य छात्रों को भी चिह्नित किया जा रहा है। उनपर भी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

रविवार की रात विश्वविद्यालय के हॉस्टल में मेकेनिकल और केमिकल इंजीनियरिंग के छात्रों में वर्चस्व को लेकर जमकर मारपीट हुई थी। आपस में लात-घूंसे चले थे। छात्रों ने हॉस्टल में तोड़फोड़ भी कर डाली थी। छापेमारी में छात्रों के कमरों से डंडे और पत्थर भी बरामद हुए थे। विश्वविद्यालय ने कार्रवाई करते हुए केमिकल इंजीनियरिंग प्रथम के नीरज कश्यप, अभिषेक चौधरी, आदित्य त्यागी, अभिषेक रस्तोगी और मेकेनिकल इंजीनियरिंग प्रथम के प्रशांत कुमार, सूर्य प्रकाश गुप्ता, सिद्धार्थ सिंह, आवेश राजपूत को हॉस्टल से निकाल दिया गया था। शुक्रवार को वार्डन डॉ. विजय बहादुर, चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर बीआर कुकरेती व अन्य अधिकारियों की बैठक हुई जिसमें निर्णय लिया गया कि इन छात्रों को दस दिन के लिए कैंपस से भी निलंबित किया जाएगा। अनुशासनहीनता में यह कार्रवाई की गई है। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर बीआर कुकरेती ने बताया कि आठों छात्रों को शैक्षिक गतिविधियों से दस दिन के लिए निलंबित कर दिया है। मारपीट में शामिल अन्य छात्रों को चिह्नित किया जा रहा है। उनपर भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं इनकी रिपोर्ट डीएसडब्ल्यू कार्यालय को भेज दी है। इनके चरित्र प्रमाण पत्र भी इसी अनुसार बनाया जाएगा।

ग्रीवांस सेल की हुई बैठक, जल्द दी जा सकती है रिपोर्ट
इंजीनियरिंग छात्रा का अश्लील फोटो वायरल करने के मामले में जांच समिति अपनी रिपोर्ट दे चुकी है। छात्रों को एक-एक सेेमेस्टर के लिए सस्पेंड करने की संस्तुति की थी। बाद में मामला ग्रीवांस सेल को भेजा गया। ग्रीवांस सेल की पहली बैठक शुक्रवार को हुई। सभी तथ्यों का फिर से परीक्षण किया गया। अब छात्रों और छात्रा से फिर से पूछताछ हो सकती है। ग्रीवांस सेल भी जल्द अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंप सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें