बड़ा बाईपास रोड के लिए पांच साल पहले जमीन अधिग्रहण में मुआवजा न लेने वाले किसानों की शनिवार को प्रशासन के साथ बैठक बेनतीजा रही। किसान मुआवजे का मसला कोर्ट के बाहर हल कराने पर जोर दे रहे थे। उन्होंने साफ कर दिया कि इसका हल न हुआ तो वे 12 को चक्का जाम करेंगे। उनसे बातचीत को आज डीएम के साथ दोबारा बैठक बुलाई गई है।
एडीएम सिटी की अध्यक्षता में 12 बजे कलक्ट्रेट सभागार में किसानों की बैठक में किसान नेता हरिनंदन सिंह ने कहा कि बड़ा बाईपास बनाने के लिए पांच साल पहले उनकी जमीन अधिग्रहीत की गई थी। उनको सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा नहीं मिला तो कम मुआवजा लेने से उन्होंने इनकार कर दिया। अब यह मामला कोर्ट में है। पांच साल केस लड़ते हुए हो चुके हैं। वह कोर्ट से बाहर मुआवजे का मसला हल करना चाहते हैं। एडीएम सिटी ओपी वर्मा ने कहा कि आपकी मांग जायज है, लेकिन प्रशासन एक बार अपनी ओर से मुआवजा घोषित कर दे चुका है। अब मामला कोर्ट में है। इसलिए इस पर शासन से गाइड लाइन मांगी गई है। एडीएम ने बताया कि जिलाधिकारी ने किसानों के मुआवजे पर शासन से गाइड लाइन मांगी है। उसके बाद ही इस पर कुछ निर्णय हो सकता है। किसानों ने कहा कि वह अब तंग आ चुके हैं। अपनी ही जमीन का मुआवजा पाने के लिए वह जेल भी गए। पांच साल से कोर्ट कचहरी के चक्कर लगा रहे हैं। अगर सरकार ने कोर्ट से बाहर उनको मुआवजा देने पर कोई फैसला नहीं लिया तो 12 जून को वह बड़ा बाईपास रोड पर चक्का जाम करेंगे और ट्रक के नीचे लेटकर आत्म हत्या करने में संकोच नहीं करेंगे। बैठक में कुम्हरा के किसान जगदीश प्रसाद, थान सिंह्र, सैदपुर के सगीर अहमद, भूड़ा के पूरनलाल, बिलवा के चंदन सिंह, अहलादपुर के नेतराम मौर्य समेत दर्जनों किसान मौजूद थे।