रेलवे यात्रियों को गंदा और संक्रमित पानी पिला रहा था। यह बात पानी के सैंपल फेल होने से साबित हो गई है। अब टैंकों की सफाई कराकर क्लोरीनेशन कराया जाएगा। खास बात यह है कि पानी के सैंपल प्लेटफार्म दो, तीन और चार के फेल हुए हैं लेकिन प्लेटफार्म एक का कोई भी सैंपल फेल नहीं हुआ है। जांच में पानी में ई-कोलाई बैैक्टीरिया मिला है। यह पेट संबंधी बीमारियों को जन्म देता है।
बरेली जंक्शन मुरादाबाद डिवीजन का ए-क्लास स्टेशन है। करीब सौ से अधिक ट्रेनें रोजाना यहां से गुजरतीं हैं, लेकिन यात्रियों को रेलवे प्रदूषित पानी पिला रहा है। जंक्शन के स्वास्थ्य विभाग ने सितंबर से मार्च तक चारों प्लेटफार्म से पानी के करीब 20 नमूने लिए गए। जांच में इनमें से 12 नमूने फेल हो गए। फेल हुए नमूने प्लेटफार्म दो, तीन और चार के हैं। प्लेटफार्म एक का कोई भी नमूना फेल नहीं हुआ है। जांच में पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। यह पेट की कई बीमारियों को जन्म देता है। जानकारों का कहना है कि जब ए-क्लास स्टेशन का यह हाल है तो बाकी स्टेशनों का तो भगवान ही मालिक है। जंक्शन पर पानी की सप्लाई करने वाले टैंकों की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है और न ही पानी का क्लोरीनेशन किया जा रहा है। जंक्शन के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि अप्रैल में दोबारा पानी के सैंपल लिए गए हैं।
वर्जन
ई-कोलाई बैक्टीरिया से टाइफाइड, आंतों में इन्फेक्शन, खूनी दस्त, डायरिया आदि रोग होते हैं। लंबे समय तक संक्रमण रहने पर गुर्दे और नर्वस सिस्टम भी खराब होने की आशंका रहती है। - डॉ. जेके भाटिया, वरिष्ठ फिजीशियन