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दूसरे सोमवार को केसरियामय हुई नाथ नगरी

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दूसरे सोमवार को केसरियामय हुई नाथ नगरी - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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बरेली।
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सावन के दूसरे सोमवार को नाथ नगरी केसरियामय हो गई। महादेव के भक्तों ने बड़ी संख्या में बाबा वनखंडी नाथ, त्रिवटी नाथ, बाबा तपेश्वर नाथ, धोपेश्वर नाथ, बाबा मढ़ीनाथ, अलखनाथ और पशुपति नाथ में जलाभिषेक एवं दुग्धाभिषेक किया। भोलेनाथ के जयकारे से मंदिर परिसर गूंज उठे। घरों में भी लोगों ने पंचामृत, धतूरा, ईख के रस से बाबा का पूजन किया। बाबा वनखंडीनाथ में ‘बना के जुड़ा बन के नारी चाल चले मतवारी गोकुल में आ गए हैं’ के गीतों पर मदमस्त होकर कांवड़िये डांस करते रहे। एक के बाद एक मनौती की कामना के साथ लोगों ने ढोल तासे बाजे के साथ मंदिरों में बाबा का जलाभिषेक किया।
बाबा वनखंडीनाथ के महंत थाना पति कुमारानंद गिरि महाराज ने बताया कि भोर में महादेव की चार बजे आरती के बाद भक्तों के लिए मुख्य मंदिर का प्रवेश द्वार खोल दिया गया। सुबह होते होते मंदिर परिसर एवं बाहर तक भक्तों की लंबी लाइनें लग र्गइं। कई कांवड़िए ऐसे भी दिखे जो पांवों में छाले और दर्द के कारण चल तक नहीं पा रहे थे, लेकिन मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश करने के बाद उन्हें ऐसा लगा मानो जैसे बाबा ने उनका कष्ट हर लिया हो। शिव लिंग पर जल अर्पित करते हुए ओम नम: शिवाय पंचाच्क्षरी मंत्र का उच्चारण करते हुए जलाभिषेक कर गर्भगृह से निकलते जा रहे थे। भंडारे में लोगों ने भक्ति भाव से मां अन्नपूर्णा का महाप्रसाद ग्रहण किया।
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वनखंडीनाथ के महंत नितिन गिरी ने बताया कि भोर में तीन बजे से भक्तों की लाइन लग गई थी। चार बजे महादेव की आरती कर दर्शनों के लिए गर्भगृह के द्वारा खोल दिए गए। दस बजे पंचतत्वों से बाबा को भोग लगाया गया। शाम को भजन संध्या का कार्यक्रम होता है।

साउंड पर बजते रहे गीत, लहराते रहे झंडा
रास्ते में सुबह सात बजे से ही बाइक्स को लहराते युवा भगवा और तिरंगा झंडा लेकर जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। सुबह एक-एक बाइक पर तीन से चार लोग सवार थे। इस बीच हल्की फुहाराें ने मौसम खुशनुमा बना दिया था। सुबह के शांत माहौल में भी खूब साउंड बजा। इसमें भजनाें के अलावा डांस नंबर भी बजते रहे। धोपेश्वरनाथ मंदिर में दर्शन करने वालाें की भीड़ थी, लेकिन इससे कैंट में ट्रैफिक पर कोई असर नहीं पड़ा। अलखनाथ मंदिर में पेड़ के नीचे शिवलिंग में एक बार में दो भक्त जाकर अभिषेक कर रहे थे। त्रिवटीनाथ मंदिर में धर्मकांटा चौराहे के पास दिनभर जाम की स्थिति बनती रही।

रुद्राभिषेक को गलियों से निकले भक्त
नाथ नगरी बरेली जलाभिषेक समिति की ओर से श्यामगंज से गंगाजल लेकर श्रद्धालु शोभायात्रा के साथ निकले। कालीबाड़ी होते हुए तपेश्वरनाथ मंदिर पहुंचे। जत्थे में अतिन टंडन, अनूप अग्रवाल, पंकज देवल, मनोज देवल, आशुतोष गंगवार, डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी, मीरा देवल व अन्य शामिल रहे। युवा लोधी सभा के 216 शिव भक्तों ने त्रिवटीनाथ पर जलाभिषेक किया। जत्थे में गौरव राजपूत, दुर्गेश लोधी, दीपक राजपूत, राकेश लोधी, हरिशंकर लोधी, अनिल गुप्ता, धर्मेंद्र राजपूत, हरीश लोधी, विपिन राजपूत व अन्य शामिल रहे। बजरंग दल की ओर से भंडारे का आयोजन हुआ।

रुद्राभिषेक का मतलब बताया
शिव के रुद्राभिषेक कार्यक्रम में पंडित गोपाल कृष्ण मिश्रा ने रुद्राभिषेक का मतलब बताया। रुद्र शिव को ही रुद्र कहते हैं, क्याेंकि शिव दुख को दूर करने वाले हैं। अभिषेक से हमारी तमाम बुराइयां जलकर भस्म हो जाती हैं। इससे शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कार्यक्रम में मेयर डॉ. आईएस तोमर, अनिल कुमार, गुलशन आनंद, सत्येंद्र सिंह, अनुपम कपूर व अन्य शामिल रहे।
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कौमी एकता ने किया नारी विश्वास कांवड़ का स्वागत
महानगर राष्ट्रीय कौमी एकता संगठन के अध्यक्ष अफरोज मियां मुल्ला ने अपने सभी पदाधिकारियों के साथ त्रिवटीनाथ मंदिर पहुंचकर नारी विश्वास भारती की कांवड़ यात्रा का स्वागत किया। इसमें शांतनु रोहतगी, विशाल अहूजा, शाहिद मियां, वाहिद मियां, जीशान, फैज, उल्ला खां, पवन कालरा, सैफी उल्ला, सर्वेश कुमार मौर्य व अन्य शामिल रहे।
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