फरीदपुर (बरेली।।
बेहरा गांव में दलित महिला की निर्ममता से हत्या में किसी परिचित का हाथ रहा है। महिला की हत्या का हर जतन करने से यह बात साफ हो रही है कि हत्यारे नहीं चाहते थे कि वह किसी कीमत पर जिंदा रहकर उनकी पहचान खोले। वहीं घटनास्थल पर मिले संघर्ष के संकेतों से लग रहा है कि मरने से पहले महिला ने हत्यारों से काफी संघर्ष किया है।
महिला की हत्या के लिये हत्यारों ने दो तरीके अपनाए। उसका गला रेता और गला दबाया भी। पुलिस की मानें तो ये वही कर सकता है जो यह पक्का करे कि राजगिरि किसी कीमत पर जीवित न बच सके। महिला के परिवार में मौसेरी बहन सुशीला की विदा हो रही थी। यहां कुछ देर शामिल होने के बाद वह घास काटने चली गई थी, इसके बाद यह वारदात हो गई। राजगिरि के दाहिने गले की ओर दरांती को गले में गढ़ाया गया था। इसके बाद साड़ी से ही गले में फंदा बना कर खींचा गया। महिला के पेट की खाल बुरी तरह से छील गई है। महिला जहां पर घास काट रही थी वहां गन्ना कम था। इसके अलावा दो स्थानों पर घास छिली हुई पड़ी थी। मतलब कि महिला ने खेत में पहुंचकर काफी देर तक घास काटी थी। महिला का शव छिली घास से करीब पंद्रह फुट अंदर घने गन्ने में मिला, यानि कि यहां उसे खींचकर ले जाया गया।
दोपहर एक बजे से अलविदा की नमाज का समय भी हो गया था और जो लोग खेत पर थे वह भी गांव में नमाज अदा करने के लिये आ गये थे। इसलिये महिला की चीखपुकार भी कोई सुन नहीं सका। पुलिस के लिये विवेचना का मुख्य बिंदु दुराचार की पुुष्टि है। यदि दुराचार हुआ तो हत्यारा बहुत करीबी हो सकता है।
मोहाइल सर्विलांस पर, घर पर पुलिस तैनात
पुलिस ने नन्कू के घर पर फोर्स तैनात कर दी है। पुलिस नन्हू के फोन की काल डिटेल भी निकलवा रही है, जिससे यह तय हो सके कि हाल ही में किस किस से बात हुई है। पुलिस की जानकारी में आया है कि घास काटने जाते समय महिला मोबाइल साथ ले जाती थी।
पुलिस को इन बिंदुओं पर जांच करनी है-
महिला विदा से पहले क्यों घास लेने चली गई
कौन करीबी हो सकता है, बलात्कार हुुआ या नहीं
महिला व उसके परिवार की किसी से रंजिश थी या नहीं
महिला का पति हत्या के समय कहां था