बरेली। जिले में ग्राम प्रधानों के खिलाफ भ्रष्टाचार की 12 जांचें दो साल से लंबित हैं। जिला पंचायत राज विभाग को बीते दो वर्षों में 116 ग्राम प्रधानों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं। इनमें से सात मामलों में जांच पूरी होने के बाद भी कार्रवाई केवल कागजों में दर्ज है।
जिला पंचायती राज विभाग से मिली रिपोर्ट के अनुसार, इन दो वर्षों में 14 ग्राम प्रधानों को निलंबित किया गया है। दो प्रधानों को पद से मुक्त किया गया, जबकि 10 अन्य के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई।
हालांकि, 12 मामलों में नामित जांच अधिकारी निर्धारित समय में जांच पूरी नहीं कर सके। इन मामलों के काफी समय से लंबित रहने से शिकायतकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों में नाराजगी है। अधिकांश शिकायतें मनरेगा (अब वीबी-जी रामजी), राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त आयोग की धनराशि में वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित थीं।
पंचायत भवन, इंटरलॉकिंग, नाली निर्माण और शौचालय जैसे विकास कार्यों में भी गड़बड़ियां पाई गईं। कुछ शिकायतें जांच में सही पाई गईं, जबकि कुछ निराधार भी निकलीं।