बरेली। ‘मैं पढ़ना चाहती हूं। कुछ करना चाहती हूं। मैं अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती हूं। चाहती हूं पढ़-लिखकर अफसर बनूं। हाईस्कूल में मेरे नंबर भी 77 प्रतिशत आए, लेकिन सौतेली मां मेरी शादी कराना चाहती है।’ ये पीड़ा है उस नाबालिग लड़की की, जिस पर हाईस्कूल पास करते ही शादी का दबाव आ गया। हालांकि किसी ने इसकी शिकायत चाइल्ड लाइन में कर दी। इस पर बाल संरक्षण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने लड़की और पिता को बुलाकर दोनों की काफी देर काउंसलिंग की। साथ ही पिता को यह नोटिस भी दिया कि जब तक उसकी बेटी 18 साल की नहीं हो जाती, वह उसकी शादी नहीं कर सकते। चाइल्ड लाइन को लड़की की निगरानी करते हुए हर माह रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
आंवला के एक गांव की रहने वाली लड़की की मां के गुजर जाने के बाद उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली। सौतेली मां चाहती है कि लड़की की जल्द से जल्द शादी हो जाए, ताकि वह घर पर बोझ न बने। इसलिए 16 साल की उम्र में ही उसके हाथ पीले करने की तैयारी कर ली गई। जून में शादी की तारीख भी पक्की कर दी गई। इस बीच किसी ने चाइल्ड लाइन को इस मामले की शिकायत कर दी। इस मामले की सुनवाई करते हुए बाल संरक्षण समिति ने लड़की और उसके पिता को बुलाकर काउंसलिंग की। समिति के सदस्य डीएन शर्मा के सामने पेश हुई नाबालिग लड़की ने बताया कि वह चाहती है कि पढ़-लिखकर अफसर बने। उसने हाईस्कूल में खूब मन लगाकर पढ़ाई भी की थी। रिजल्ट आया तो 77 मार्क देखकर वह काफी खुश थी, जबकि सौतेली मां चाहती थी कि उसकी जल्द से जल्द शादी हो जाए। परिवार की हालत भी बहुत अच्छी नहीं है। इसलिए उसने भी हालात से समझौता कर शादी के लिए हां कर दी। बाल संरक्षण समिति के सदस्य डीएन शर्मा ने पिता को यह नोटिस भी दिया है कि वह अपनी बेटी की शादी 18 साल की उम्र पार करने के बाद ही करे। चाइल्ड लाइन को इस संबंध में निगाह रखने के निर्देश दिए गए हैं।