इस ‘परीक्षा’ में मीडिया का आना मना है
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बरेली। सेमेस्टर और प्रोफेशनल कोर्स की परीक्षाओं के लिए बरेली कॉलेज का परीक्षा केंद्र स्थायी हुआ तो मीडिया पर पाबंदी लगा दी गई है। जो परीक्षाएं सामूहिक नकल के लिए बदनाम रही हैं, उन्हें ‘गोपनीयता’ के पर्दे के पीछे कराया जा रहा है। उधर, परीक्षा के दूसरे दिन भी यहां एक नकलची पकड़ा गया।
पिछले साल बरेली कॉलेज के छात्रों ने अग्रसेन कॉलेज में परीक्षा के दौरान जमकर हंगामा किया था। हालात इतने बिगड़े थे कि विश्वविद्यालय के उड़नदस्ते और पुलिस को अपनी निगरानी में परीक्षा करानी पड़ी। इस बार बरेली कॉलेज के छात्रों की परीक्षा कराने से तमाम निजी कॉलेजों ने इनकार कर दिया। इस पर विश्वविद्यालय को नियम तोड़कर बरेली कॉलेज को स्थायी परीक्षा केंद्र बनाना पड़ा। कॉलेज प्रशासन अब शुक्रवार से शुरू परीक्षा को पूरी ईमानदारी से कराने का दावा कर रहा है लेकिन फिर भी मीडिया पर पाबंदी लगा दी गई है।
इतने ‘सख्त’ तो कभी नहीं पाए बरेली कॉलेज वाले
सूत्रों का कहना है कि बरेली कॉलेज के छात्रनेता नकल कर रहे हैं और कक्ष निरीक्षक कुछ कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। मीडिया की नजरों से बचाने के लिए सुरक्षा का नाम दिया गया है। मीडियाकर्मी के जाने पर उसे बैरियर पर रोक लिया जाता है और फिर चीफ प्रॉक्टर को सूचना दी जाती है। इसके बाद वह बैरियर पर पहुंचकर मीडियाकर्मी को परीक्षा कक्ष तक लेकर जाती हैं। इस प्रक्रिया में करीब दस मिनट का समय लगता है और इस बीच सब दुरुस्त हो जाता है।
छात्र के पास मिले नकल के 6 पन्ने
शनिवार को बरेली कॉलेज में कक्ष संख्या 38 में एलएलबी के एक छात्र से नकल के 5-6 पूरे पन्ने बरामद हुए। वह मोजा और बेल्ट में यह पन्ने छिपाकर लाया था और परीक्षा के दौरान प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा ने उसे पकड़ लिया। मगर गेट से 5-6 पन्ने की नकल अंदर पहुंचने से चेकिंग व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
परीक्षा में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। मीडिया पर पाबंदी नहीं है, बस परीक्षा कक्ष तक जाने के लिए व्यवस्था बनाई गई है। अगर इस व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं तो इसके बारे में बात की जाएगी। - डॉ. राजीव मेहरोत्रा, डीन स्टूडेंट वेलफेयर