बरेली। बकाया टैक्स की वसूली को लेकर बृहस्पतिवार को नगर निगम की टीम हरकत में आ गई। टैक्स विभाग के अमले को साथ लेकर कर निर्धारण अधिकारी ललतेश सक्सेना सिविल लाइंस में पूर्व मंत्री के पेट्रोलपंप, गंगाचरण अस्पताल और श्यामगंज में वी मार्ट पर टैक्स वसूलने पहुंचे। इस दौरान वी मार्ट भवन के मालिक ने तो पांच लाख रुपये जमा करा दिए, मगर बाकी ने टैक्स में संसोधन की बात कहकर टहला दिया।
बृहस्पतिवार दोपहर नगर निगम की टीम सबसे पहले श्यामगंज में वी मार्ट वाली बिल्डिंग पर पहुंची। इस भवन पर निगम का 22 लाख रुपये टैक्स बकाया है। निगम टीम ने भवन सील करने की बात कही तो भवन मालिक जाहिद अली ने तत्काल पांच लाख रुपये जमा कराए। साथ ही उन्होंने टैक्स सही करने की बात कहते हुए निगम टीम से कहा कि उनका रेस्टोरेंट बंद हो गया है। बरातघर भी नहीं है, लेकिन इसे टैक्स में जोड़ा गया है। इसके बाद टीम गंगाचरण अस्पताल पहुंची। कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि गंगाचरण अस्पताल, गंगाशील एवं हॉस्टल पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये टैक्स बताया है। उन्होंने भवन सील करने की बात कही तो डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी ने शाम पांच बजे तक रुपये जमा करने की बात कही, मगर इसके बाद उन्होंने टैक्स गणना सही न होने की बात कहकर रुपये जमा नहीं किए। फिर टीम सिविल लाइंस में पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार के आईओसी पेट्रोलपंप पर पहुंची और 16 लाख रुपये टैक्स बताया। वहां मैनेजर ओमकार ने आईओसी के अधिकारियों से निगम टीम की बात कराई तो टीम लौट गई। कार्रवाई करने वाली टीम में इंस्पेक्टर खुशबू भारद्वाज, शिप्रा गुप्ता, विवेक, धर्मवीर आदि शामिल रहे।
बनी 100 बड़े बकाएदारों की सूची
नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. के निर्देश पर नगर निगम के चारों जोन में सौ बड़े बकाएदारों की सूची बनाई गई है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में कुछ ही दिन बचने के चलते अब इन पर रोजाना सख्ती कर टैक्स वसूली होगी।
वी मार्ट वाले भवन से पांच लाख टैक्स वसूला गया है। गंगाचरण अस्पताल का टैक्स सही कराने की बात हुई है। पेट्रोलपंप पर भी आईओसी के अधिकारियों से बात हो गई है। टैक्स वसूली के लिए अब रोजाना भवन सील करने की कार्रवाई होगी। - ललतेश सक्सेना, कर निर्धारण अधिकारी
वर्ष 2014 तक हम तीनों बिल्डिंग का एक-एक लाख रुपये टैक्स देते थे। इसके बाद नोटबंदी में भी 8-9 लाख रुपये जमा किए। नगर निगम जाओ तो सही जानकारी नहीं देते। अब पता नहीं इतना टैक्स और ब्याज कैसे लगा दिया। हमने दोबारा पैमाइश करके टैक्स निर्धारण को भी कहा है। - डॉ. नवल किशोर गुप्ता, गंगाचरण अस्पताल
आईओसी पर टैक्स बकाया को लेकर नगर निगम की टीम आई थी। उनकी आईओसी अधिकारियों से बात करा दी गई है। - भगवत सरन गंगवार, पूर्व मंत्री