बरेली। सेटेलाइट फ्लाईओवर के डिजाइन को लेकर रोडवेज ने पेच फंसा दिया है। रोडवेज के अफसरों का कहना है कि सेतु निगम ने इस पुल का ऐसा नक्शा तैयार किया है कि रोडवेज और वर्कशाप की बसों को चौराहे से घूमकर आना होगा। इससे चौराहे पर हर वक्त जाम की स्थिति रहेगी। ऐसे में इस फ्लाईओवर बनाने का कोई फायदा नहीं। इस दिक्कत को देखते हुए रोडवेज के अधिकारियों ने डीएम से रोडवेज की कार्यशाला के पास अंडरपास की जरूरत बताते हुए इसका लेटर भेजा है।
सेतु निगम इकाई-एक की टीम सेटेलाइट चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण करा रही है। इस पुल के डिजाइन को लेकर आपत्ति जताते हुए रोडवेज अधिकारियोें का कहना है कि इस पुल का नक्शा बनाते हुए रोडवेज की वर्कशॉप का ध्यान ही नहीं रखा गया। जबकि बरेली-शाहजहांपुर रोड पर परिवहन निगम और रुहेलखंड डिपो की वर्कशाप हैं, जिसमें करीब 400 बसें हैं। सेटेलाइट बस स्टेशन भी यहीं बना हुआ है। यहां से हर रोज करीब 1000 से अधिक बसों का आवागमन होता है। जिस स्थान पर इन बसों की प्रवेश और निकासी होती है, वहां पर वर्तमान में एक कट है। इसी से बसों का आना-जाना होता है। पुल के निर्माण में इस जगह को बंद किया जाना प्रस्तावित है। इससे डिपो और कार्यशालाएं से निकलने वाली बसों को सेटेलाइट चौराहे से घूमकर निकलना होगा। बाहर से डीजल लेकर आने वाली बसों को भी गलत साइड से होकर गुजरना होगा। इससे यहां अक्सर जाम लगा रहेगा। पुल बन जाने के बावजूद लोगों को इससे कोई खास राहत नहीं मिलेगी। इस दिक्कत से बचने के लिए डिपो की कार्यशाला के प्रवेश मार्ग पर पुल के पास अंडरपास का निर्माण कराया जाना अति आवश्यक है। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक की तरफ से इस संबंध में डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह को पत्र भी भेजा गया है।
‘इस दिक्कत का समाधान कैसे होगा, रोडवेज और सेतु निगम के अधिकारियों को बुलाकर इस पर जल्द ही वार्ता की होगी। फिलहाल इस बारे में ज्यादा कुछ बता पाना मुमकिन नहीं है।’
- वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी