बरेली। यूपी आर्थोकॉन के तीसरे दिन साइंटिफिक सेशन के बाद विदाई समारोह आयोजित हुआ। शुरुआत दिल्ली के ऑर्थोपेडिक डॉ. मैथ्यू वर्गिस ने पैरों और रीढ़ की हड्डी में चोट की वजह से आई विकलांगता की जानकारी देकर की। बताया कि कृत्रिम अंग अब भारत में भी बनाए जा रहे हैं, जो विदेशी उत्पादों से काफी सस्ते हैं।
मुंबई के डॉ. राम चड्डा और डॉ. विशाल कुंडनानी ने ‘कम्युनिकेशन स्किल्स एवं पर्सनालिटी डेवलपमेंट’ की बारीकियां बताई। चंडीगढ़ के डॉ. रमेश सेन ने जांघ की हड्डी के ऊपरी सिरे में हुए संक्रमण ‘नेक्रोसिस’ को ठीक करने की जानकारी दी। गाजियाबाद के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. धीरेंद्र सिंह ने एड़ी की हड्डी में आई चोट और उसे ठीक करने के बारे में बताया। गोरखपुर के डॉ. आरए अग्रवाल ने पुरानी और जुड़ने में असमर्थ हड्डियों को ठीक करने पर प्रजेंटेशन दिया। इसके बाद डॉक्टरों ने इलाज की नई तकनीक पर विचार साझा किए। मरीजों के हित के लिए शोध बढ़ाने का संकल्प लिया। विदाई समारोह में उप्र ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने नव नियुक्त अध्यक्ष डॉ. जमाल अशरफ को एसोसिएशन का कार्यभार सौंपा। सेक्रेटरी डॉ. विनोद पागरानी ने सभी का आभार जताया।