बरेली। जमीनों पर कब्जा करने समेत 14 आपराधिक वारदातों में शामिल भू-माफिया रमेश मौर्य को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर उत्कृष्ट समाजसेवी के रूप में सम्मानित करने के मामले में नाम आने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला का गुस्सा उस संस्था पर उतरा है, जिसने उसे सम्मानित करने के लिए बुलाया था। सिटी मजिस्ट्रेट ने संस्था की अध्यक्ष ऋतु शाक्य को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है कि उन्होंने एक अपराधी को सम्मानित होने के लिए क्यों बुलाया। 11 फरवरी को संस्था अध्यक्ष को जवाब देने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट ने साक्ष्यों समेत अपने दफ्तर बुलाया है।
सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर गांधी उद्यान में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘रमेश मौर्य’ को उत्कृष्ट समाजसेवी के रूप में सम्मानित किया था। जमीनों पर कब्जे समेत रमेश मौर्य पर 14 आपराधिक मामले विभिन्न थानों में चल रहे हैं। रमेश मौर्य को उत्कृष्ट समाजसेवी का सम्मान देने के लिए वुमन चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी ने बुलाया था। इस संस्था ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर समाजसेवियों का सम्मान करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया था। उसमें सिटी मजिस्ट्रेट मुख्य अतिथि थे। अमर उजाला में छह फरवरी को प्रकाशित समाचार का संज्ञान लेते हुए सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला ने वुमन चाइल्ड वेलफेयर संस्था चेयरमैन ऋतु शाक्य को नोटिस जारी किया। इसमें सिटी मजिस्ट्रेट ने संस्था अध्यक्ष से पूछा कि जब आपको पता था कि रमेश मौर्य पर आपराधिक मुकदमे हैं तो आपने समाजसेवियों के मंच पर उसे क्यों सम्मानित कराया। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सम्मानित होने वाले समाजसेवियों के संबंध में नगर निगम, पुलिस और एलआईयू की रिपोर्ट भी आई थी। अगर वह कटघरे में खड़े हैं तो तीनों एजेंसियों की रिपोर्ट पर भी सवाल उठने चाहिए कि आखिर नगर निगम, पुलिस और एलआईयू ने कौन सी चीज जांच करके रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी। आल इंडिया स्किल्ड वर्क वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेसीडेंट अवधेश चंद्र मांगलिक ने भूमाफिया और अपराधी रमेश मौर्य को प्रशासनिक अफसरों द्वारा सम्मानित करने की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजी है।