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लाल फाटक ओवरब्रिज: बभिया मेें जमीन नहीं लेगी सेना, एनओसी पर मंडराया संकट

Tue, 23 Oct 2018 11:43 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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बभिया में सेना को जमीन देकर लाल फाटक के लिए एनओसी लेने की जगी आस फिर निराशा में बदल गई है। सेना के स्टेशन हेडक्वार्टर ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर बभिया में जमीन लेने से इंकार कर दिया है। इससे लाल फाटक ओवरब्रिज निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने का मामला फिर अटक गया है।
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लाल फाटक ओवरब्रिज निर्माण में सेना की एनओसी बड़ी बाधा है। इसके न मिलने से निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। एनओसी का संकट हल करने के लिए पिछले दिनों प्रशासन ने ओवरब्रिज के लिए सेना की 6520.99 वर्गमीटर जमीन के बदले बभिया में 9700 वर्गमीटर जमीन दिखाई थी। मौके पर रक्षा संपदा विभाग के अधिकारी के प्रतिनिधि और प्रशासन से एसडीएम सदर पहुंचे थे। जमीन की पैमाइश के बाद मामला सुलझता दिखाई दिया। रक्षा संपदा विभाग ने प्रशासन से जमीन के कागजात समेत अन्य अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा था। प्रशासन ने स्टेशन हेड क्वार्टर से बभिया में चिह्नित जमीन तीन किलोमीटर दूर बताई थी, लेकिन जांच में जमीन 4.82 किलोमीटर दूर मिली। जमीन का वर्तमान मूल्य भी लाल फाटक पर सेना की जमीन से कम है। जमीन के वर्तमान मूल्य पर एकबारगी सेना ने पास ही और जमीन मिल जाने के आश्वासन पर सहमति जता दी, लेकिन दूरी ज्यादा होने पर सेना ने आपत्ति जताते हुए जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जमीन लेने से इंकार कर दिया है।

जमीन की कीमत बराबर होने की शर्त
रक्षा मंत्रालय की शर्त के अनुसार प्रशासन को लाल फाटक पर ओवरब्रिज के निर्माण लिए सेना की जमीन की कीमत के बराबर ही जमीन मुहैया कराने पर एनओसी मिलेगी। बभिया की जमीन खारिज होने के बाद अब सेना ने कैंट क्षेत्र के पास जमीन मुहैया कराने को कहा है। ऐसे में प्रशासन के सामने 7,25,13,409 रुपये कीमत की जमीन मुहैया कराना टेढ़ी खीर साबित होगा। एसडीएम सदर ने पहले ही जमीन देने में असमर्थता जताई थी।
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कैंट द्वारा जमीन लेने की संभावना
स्टेशन हेड क्वॉर्टर के एडम कमांडेंट कर्नल प्रियदर्शी अमित के मुताबिक सेना ने अपनी तरफ से जमीन लेने से इंकार कर दिया है, लेकिन लाल फाटक ओवरब्रिज के लिए अधिग्रहीत होने वाली जमीन में कैंटोनमेंट बोर्ड की भी जमीन शामिल है। ऐसे में बोर्ड चाहे तो यह जमीन लेने पर मुहर लगा सकता है, लेकिन सेना ने फिलहाल इस जमीन को लेने से इंकार कर दिया है, लेकिन कैंट बोर्ड अपनी जमीन के बदले संबंधित क्षेत्र में जमीन लेने को स्वतंत्र है। हालांकि, बोर्ड में पास होने के बाद रक्षामंत्रालय की मंजूरी लेनी होगी।

किसकी कितनी है जमीन
कैंटोनमेंट बोर्ड की 5010.6 वर्गमीटर
मिलिट्री फार्म की 1510.29 वर्गमीटर


बभिया में जमीन की प्रशासन ने पैमाइश कराई थी। यह सैन्य क्षेत्र से काफी दूर है। ऐसे में हेडक्वॉर्टर ने जमीन लेने से इंकार कर दिया है। प्रशासन से पास में जमीन मुहैया कराने को कहा है। - प्रमोद कुमार सिंह, रक्षा संपदा अधिकारी

स्टेशन हेडक्वॉर्टर से काफी दूर होने की वजह से वहां सैन्य गतिविधियों का संचालन और मॉनीटरिंग में समस्या होगी। ऐसे में जमीन पर आपत्ति जताई है। सेना की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। - कर्नल प्रियदर्शी अमित, एडम कमांडेंट
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