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बरेली कॉलेज में एलएलबी के प्रवेश पर घमासान

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बरेली कॉलेज में मेरिट लिस्ट पर घमासान, रोकनी पड़ी प्रवेश प्रक्रिया
सछास ने लगाया आरक्षण नीति का पालन न करने का आरोप, सामने आई विद्यार्थी परिषद

विश्वविद्यालय पहुंचा मामला, प्रवेश समिति ने सही ठहराई मेरिट लिस्ट
आज से होंगे एडमिशन, प्राचार्य ने कहा- किसी ने विरोध किया तो निपटेंगे

अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। बरेली कॉलेज में एलएलबी के दाखिलों पर बुधवार को पूरे दिन घमासान मचा रहा। समाजवादी छात्र सभा ने मेरिट जारी करने में आरक्षण का पूरी तरह पालन न करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और प्रवेश प्रक्रिया रुकवा दी। दूसरी ओर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मेरिट लिस्ट का समर्थन करते हुए उसी मेरिट से दाखिले कराने पर अड़ गई। हालात बिगड़ते देख प्रवेश प्रक्रिया रोक दी गई। प्राचार्य के विश्वविद्यालय पहुंचने के बाद एडमिशन कमेटी की बैठक हुई जिसमें कॉलेज की ओर से जारी मेरिट लिस्ट को सही ठहराया गया। अब कॉलेज बृहस्पतिवार से इसी मेरिट लिस्ट के आधार पर प्रवेश लेगा।
बरेली कॉलेज ने एलएलबी में प्रवेश के लिए ओपन, ओबीसी, एससी-एसटी की मेरिट लिस्ट जारी एक साथ जारी की थी। सछास पदाधिकारियों ने इस पर विरोध जताते मांग की थी कि पहले 50 फीसदी सीटें ओपन मेरिट से भरी जाएं, इसके बाद आरक्षित सीटें भरी जाएं। मंगलवार को इसे लेकर काफी हंगामा हुआ था। बुधवार को प्रवेश शुरू होते ही सछास ने विरोध शुरू कर दिया। इसी दौरान विद्यार्थी परिषद के छात्रनेता भी पहुंच गए। वे इस बात पर अड़ गए कि प्रवेश इसी मेरिट लिस्ट से होंगे। दोनों संगठनों के बीच तनातनी शुरू हो गई। बाद में प्राचार्य ने यह कहते हुए काउंसलिंग रुकवा दी कि ओपन मेरिट के आज प्रवेश ले लिए जाएं, बाकी को कल बुलाया जाए। मगर हंगामा बढ़ा तो एडमिशन प्रक्रिया पूरी तरह बंद हो गई।
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सछास के ह्रदेश यादव, अनूप यादव, वैभव गंगवार, मुकेश, करण, अवनीश चौबे, मधुनेश आदि प्राचार्य कार्यालय में धरने पर बैठ गए। आखिर प्राचार्य मेरिट विवाद लेकर विश्वविद्यालय पहुंचे। चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा और उनकी टीम ने छात्रों को जैसे तैसे रोका। विश्वविद्यालय के एडमिशन प्रभारी प्रो. एनएन पांडेय ने एडमिशन कमेटी के लोगों के साथ बैठक की। मेरिट देखी गई कि इसमें आरक्षण किस तरह लागू किया गया। इसमें स्पष्ट हुआ कि कॉलेज ने सही मेरिट बनाई है। हालांकि विश्वविद्यालय ने कुछ भी लिखित देने से साफ मना कर दिया। प्राचार्य चार बजे के बाद कॉलेज लौटे मगर धरने पर बैठे छात्रनेताओं से मिले बगैर चले गए। चीफ प्रॉक्टर ने समझाया कि गुरुवार को वार्ता होने के बाद ही एलएलबी के प्रवेश होंगे। उसके बाद छात्रों ने धरना समाप्त किया। सछास के छात्रनेता ह्रदेश यादव का कहना था कि आरक्षण नीति सही से लागू न करके पिछड़े वर्ग के छात्रों हक मारा जा रहा है। इसको लेकर सछास खामोश नहीं बैठेगा। अगर गुरुवार को इसी मेरिट से प्रवेश हुए तो प्रवेश नहीं होने दिए जाएंगे।

-वर्जन
जिस नीति से बाकी विषयों में प्रवेश हुए वही नीति एलएलबी की मेरिट में लागू की गई। विश्वविद्यालय ने भी हरी झंडी दे दी है। अब अगर किसी छात्र को आपत्ति है तो वह कुलपति से लेकर कुलाधिपति तक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। पहले जारी मेरिट से ही प्रवेश लिए जाएंगे। गुरुवार से प्रवेश होंगे, अगर किसी ने अड़चन पैदा की तो कॉलेज प्रशासन अपने स्तर से निपटेगा। -डॉ. अजय शर्मा, प्राचार्य बरेली कॉलेज
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विधि की मेरिट के मामले में बरेली कॉलेज के प्राचार्य आए थे। एडशिमन कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक की। मेरिट आरक्षण के नियमों के तहत ही बनी है। कॉलेज इसी मेरिट से प्रवेश ले सकता है। - प्रो. एनएन पांडेय, एडमिशन प्रभारी विश्वविद्यालय
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