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सोबती स्कूल ने बच्चे की 51645 रुपये फीस वसूली

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(मिशन एडमीशन)
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फोटो- भानु
फ्लैग- पीड़ित अभिभावक ने सीएम पोर्टल पर की शिकायत, कहा-
योगी जी! सोबती स्कूल ने मेरे बच्चे से 51645 रुपये फीस मांगी
11 वीं क्लास के छात्र से क्वार्टरली फीस 17 हजार से ज्यादा
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। कान्वेंट स्कूलों द्वारा राज्य सरकार का अध्यादेश लागू न करने पर अभिभावकों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। अत्याधिक फीस वसूली से परेशान एक पीड़ित अभिभावक ने सीएम पोर्टल पर स्कूल की मनमानी की शिकायत की है। अभिभावक ने सीएम योगी जी के नाम लिखे पत्र में कहा कि सोबती स्कूल ने 11 वीं क्लास में पढ़ाई कर रहे उसके बच्चे से 51645 रुपये की फीस मांगी है। जबकि सरकार के अध्यादेश में 20 हजार से अधिक फीस वसूलने का प्रावधान नहीं है। अभिभावक ने शिकायती पत्र के साथ फीस की रसीद की कापी भी साथ में ही भेजी और नया सत्र शुरू होने के 32 दिन बाद सरकार के अध्यादेश का पालन न कराए जाने की बात कही। पत्र की छाया प्रति मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को भी भेजी गई है।
सीएम को लिखे शिकायती पत्र में अभिभावक ने कहा कि सोबती पब्लिक स्कूल में उसका बेटा 11 वीं क्लास में पढ़ता है। राज्य सरकार ने अपने अध्यादेश में समस्त बोर्डोँ से मान्यता प्राप्त स्कूलों को 20 हजार रुपये वार्षिक से अधिक फीस नहीं लेने का प्रावधान किया है। मगर, सोबती पब्लिक स्कूल में अध्यादेश का पालन नहीं कराया गया। स्कूल प्रबंधन समस्त स्टूडेंट्स से 51645 रुपये वार्षिक के हिसाब फीस वसूली करने के लिए दबाव बना रहा है। स्कूल की फीस का स्ट्रक्चर पहले क्वार्टर में 17665 रुपये, दूसरे, तीसरे और चौथे क्वार्टर मेें 11330 रुपये है। अभिभावक का कहना है कि सोबती स्कूल द्वारा वसूली जाने वाली फीस सरकार के अध्यादेश के नियमों से ढाई गुनी से भी अधिक है। वह डीआईओएस के कंट्रोल रूम में भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से सरकार के अध्यादेश का पालन कराने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। न ही किसी अभिभावक की शिकायत पर कार्रवाई हो रही है। सोबती स्कूल के हेड चरनपाल सिंह सोबती से जब इस संबंध में उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव करने के तुरंत बाद अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया।
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कोट--
निजी स्कूलों को सरकार के फीस संबंधी अध्यादेश का पालन करना होगा। पैरेंट्स की शिकायतों की समीक्षा करने के बाद संबंधित अधिकारी को मौके पर भेजा जाएगा। शिकायत सही पाई गई तो स्कूल प्रबंधन पर अध्यादेश के नियमों के तहत कार्रवाई होगी। - वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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