सावन के चौथे सोमवार को कांवड़ियों और भक्ताें का रैला नाथ मंदिरों पर टूट पड़ा। सुबह से लेकर देर शाम तक जलाभिषेक होता रहा। मुख्य सड़क और मंदिर मार्ग तो केसरिया रंग से रंगे दिखे। जगह-जगह डीजे की धुन पर श्रद्धालु नाचते चल रहे थे। सड़क पर हर जगह बस बोल बम...बोल बम ही सुनाई पड़ रहा था। नंदी ध्वज लेकर बाइक सवार शहर में चक्कर लगा रहे थे। हर तरफ से शिवभक्ताें का रैला आते-जाते दिख रहा था।
वैसे तो सावन का अंतिम सोमवार अगले हफ्ते माना जा रहा है, लेकिन उस दिन रक्षाबंधन होने से चौथे सोमवार को ही काफी संख्या में भक्त मंदिरों में पहुंचे। भोर में चार बजे मंदिराें के कपाट दर्शन के लिए खुल गए। भोलेनाथ का श्रृंगार होने के बाद घंटा-घड़ियाल और शंख की ध्वनि के साथ महाआरती हुई और भक्ताें का आना शुरू हो गया। सुबह नौ बजे तक मंदिराें में अच्छी भीड़ थी। इसके बाद दोपहर में आराम से दर्शन करने भक्त आ-जा रहे थे। जगह-जगह भंडारे हुए। कालीबाड़ी में कई जगह डीजे की धुन पर भक्त नाच रहे थे।
शोभायात्रा लेकर पहुंचे मंदिर
युवाआें की निकली टोली
नाथ नगरी जलाभिषेक समिति की ओर से रुद्राभिषेक कार्यक्रम वनखंडी नाथ मंदिर में आयोजित किया गया। सेठ गिरधारी लाल मंदिर पर एकत्र युवा शंख व नंदी ध्वज हाथाें में लेकर शोभायात्रा के साथ मंदिर की ओर निकले। गणेश पूजन व शिव स्तुति, हनुमान चालीसा के पाठ के साथ यात्रा शाहदाना, मॉडल टाउन चौकी, संजय नगर, दुर्गा नगर होते हुए वनखंडीनाथ मंदिर पहुंची। यहां लोगाें ने पुष्प वर्षा की। आयोजन में राधिका शर्मा, विवेक श्रीवास्तव, पंकज देवल, शांत वशिष्ठ, आशुतोष अग्रवाल, मनोज देवल, बृजवासी अग्रवाल, प्रमेंद्र माहेश्वरी, विवेक श्रीवास्तव, प्रीति सिंह व अन्य का सहयोग रहा। युवा लोधी सभा की ओर से 460 कांवड़ियों ने डाक कांवड़ लेकर पशुपतिनाथ पर जलाभिषेक किया। गौरव राजपूत ने बताया कि जत्था कछला से गंगाजल लेकर आया था।
इसके अलावा श्री महाआरती सेवा समिति के प्रमुख संजू रस्तोगी के नेतृत्व में सिटी श्मशान भूमि स्थित तत्व विज्ञान शिव मंदिर पर बाबा महाकाल का महारुद्राभिषेक हुआ। इस दौरान भजन संध्या और महाआरती भी हुई। भक्तों ने 251 थालियां एक साथ सजाकर महाआरती की। ढोल नगाड़ों और जयकारों से श्मशान भूमि का वातावरण गूंज उठा।
बजरंग दल के सुरक्षा प्रमुख सोनू ठाकुर के नेतृत्व में अष्ठ नाथ परिक्रमा सुभाषनगर के तपेश्वरनाथ मंदिर से शुरू हुई। मढ़ीनाथ मंदिर पर एजाज अहमद ने अपने साथियों के साथ स्वागत किया। इसके बाद जत्था अलखनाथ मंदिर, विभूति नाथ मंदिर, त्रिवटी नाथ मंदिर, वनखंडी नाथ पहुंचा। यहां पर पंकज राजूपत के साथियों ने फल वितरित किए। समापन धोपेश्वर नाथ मंदिर पर हुआ। श्री नाथ नगरी बरेली धाम की ओर से स्टेडियम रोड पर भंडारा कराया गया। हिन्दू रक्षक शिव महाशक्ति सेवा संस्था नाथ नगरी बरेली धाम के तत्वावधान में दिल्ली रोड निकट आईटीआई पर दो दिवसीय स्वागत शिविर लगा, जिसमें कांवड़ियों के जलपान की व्यवस्था की गई और पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया।
महानगर राष्ट्रीय कौमी एकता संगठन के अध्यक्ष अफरोज मियां उर्फ मुल्ला जी व महामंत्री सर्वेश कुमार मौर्य ने नाथ नगरी के सातों नाथ मंदिरों पर दो-दो पदाधिकारियों की ड्यूटी लगायी संगठन की ओर से श्री त्रिवटीनाथ मंदिर पर हलवा छोले का प्रसाद बांटा।
सपाइयों ने कांवड़ियों का स्वागत किया
बरेली। महानगर समाजवादी पार्टी ने तिलक इंटर कॉलेज के पास कैंप लगाकर कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया। आयोजन पूर्व मंत्री अताउर रहमान के नेतृत्व में हुआ। इस मौके पर जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव, महानगर अध्यक्ष कदीर अहमद, उपाध्यक्ष सतेंद्र यादव, उपाध्यक्ष दिनेश यादव, उपाध्यक्ष शमीम अहमद, जिला महासचिव प्रमोद कुमार, महानगर महासचिव पंडित दीपक शर्मा आदि मौजूद रहे।
मुस्लिम महासभा ने किया कांवड़ियों का स्वागत
मुस्लिम महासभा व न्यू अवध सेवा समिति की ओर से श्मशान भूमि फाटक के पास शिविर लगाकर शिव भक्ताें का स्वागत किया गया। महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष इम्तियाज कुरैशी, नजमुद्दीन मंसूरी ने कहा कि पूरी दुनिया में हिंदुस्तान ही हैं जहां हिंदु मुस्लिम भाई की तरह रहते हैं। फरजाना कुरैशी ने कहा कि मुस्लिम महिलाएं शिव भक्ताें का हमेशा से स्वागत कर रही हैं। इस मौके पर शाहजेब खान, मुन्ना खां, जावेद कुरैशी, रोशन रजा, सुधा देवी, नसरीन व अन्य शामिल रहे।
मंदिर परिक्रमा
धोपेश्वरनाथ मंदिर
कैंट धोपेश्वरनाथ मंदिर में सुबह दर्शन के खूब भीड़ जुटी। सरोवर के चारों ओर भक्ताें की लाइन लगी थी, जो जलाभिषेक के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कांवड़ियों का आना भी जारी रहा। महिलाएं भी कांवड़ लेकर चल रही थीं।
वनखंडीनाथ मंदिर
जोगीनवादा स्थित वनखंडीनाथ मंदिर में पीलीभीत बाईपास से लेकर मंदिर तक भीड़ थी। मंदिर के अंदर परिक्रमा करने वाले भक्ताें का तांता लगा हुआ था। जोगी नवादा में मेले जैसा नजारा दिखा।
त्रिवटीनाथ मंदिर
मंदिर के अंदर और बाहर काफी अच्छी सजावट की गई थी। मंदिर के अंदर कांवड़ियों की लोग सेवा करते दिखे। यहां मंदिर के अंदर जलाभिषेक के लिए भक्ताें की लाइन लगी थी। सुबह शिवलिंग को बेलपत्र और फूलाें से सजाया गया था।
अलखनाथ मंदिर
किला स्थित अलखनाथ मंदिर में रेलवे क्रॉसिंग तक लाइन पहुंच गई थी। सुबह कपाट खुलते ही भक्त सबसे पहले जलाभिषेक को पहुंचने लगे। गुफा के अंदर शिवलिंग में बारी-बारी से लोग अभिषेक को जा रहे थे।
सीबीगंज में जगह-जगह हुए आयोजन
सीबीगंज। हरिद्वार और कछला से भजन कीर्तन करते हुए गंगाजल लेकर लौटे कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल मौजूद रहा। स्टेट बैंक गली शिव मंदिर, हाईवे किनारे प्राचीन शिव मंदिर, बादशाहनगर, मथुरापुर, जौहरपुर, चंदपुर जोगियान, पस्तौर, महेशपुरा, आईटीआर कॉलोनी स्थित हरिहर मंदिर आदि स्थानों पर मंदिरों के कपाट प्रात: में ही खुल गए थे। नदोसी में हाईवे किनारे कांवड़ियों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। अवंतीबाई लोधी महासभा ने किला बस स्टैंड पर विशाल जल पान व भंडारे की व्यवस्था की और कछला और हरिद्वार से आने जाने वाले कांवड़ियों का पुष्प वर्षा से स्वागत किया। डॉ. सीताराम राजपूत, भीमसेन लोधी, बनवारी सिंह, मोती राम, गंगा सहाय, महेंद्र पाल, अजय लोधी, अखिलेश व अन्य शामिल रहे।